उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही प्रदेश में लगातार सातवें वर्ष बिजली की दरें स्थिर रहेंगी। सरकार का कहना है कि बढ़ती बिजली मांग के बावजूद आम जनता, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा।
सात साल से नहीं बढ़ीं बिजली दरें
सरकार के अनुसार वर्ष 2019 से अब तक बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही बिजली मिलेगी। सरकार का दावा है कि इस फैसले से करोड़ों घरेलू, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली आपूर्ति
सरकार ने अपने बयान में कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। शहरों से लेकर गांवों तक निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर शहर, हर गांव, हर सड़क और हर गली तक 24×7 गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के अनुसार इस वर्ष गर्मी के दौरान उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड बनाया। राज्य में अधिकतम बिजली आपूर्ति 32,673 मेगावाट तक पहुंची, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
सरकार का दावा- उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
सरकार का कहना है कि बिजली दरें स्थिर रखने का फैसला आम नागरिकों के हित में लिया गया है। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और किसानों, व्यापारियों व उद्योगों को भी राहत मिलेगी। हालांकि, हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में बिजली कटौती और ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आई थीं। इस पर सरकार का कहना है कि बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और आपूर्ति प्रणाली में सुधार जारी है।
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?
लगातार सातवें साल बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं।
घरेलू, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत।
बिजली बिल में अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा।
सरकार का दावा- प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति।
24×7 गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने पर जोर।