लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 119 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग के 11वें फ्लोर पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका (USA) समेत कई विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
समिट बिल्डिंग में चल रहा था फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर
कमिश्नरेट लखनऊ की साइबर सेल और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 1 जुलाई 2026 को विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में छापेमारी कर इस बड़े रैकेट का खुलासा किया। कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन में की गई।
119 आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद
पुलिस ने मौके से कुल 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले 103 लैपटॉप, 177 कॉलिंग मोबाइल फोन, इंटरनेट कॉलिंग डिवाइस, डिजिटल उपकरण, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
अमेरिकी नागरिकों को बनाया जाता था निशाना
जांच में सामने आया कि यह गिरोह मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के नागरिकों को प्रतिष्ठित कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के नाम पर कॉल करता था। आरोपियों द्वारा लोगों को झांसे में लेकर Gift Card, Cryptocurrency और इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर ठगी की जाती थी।
ऑपरेशन मैनेजर समेत कई मास्टरमाइंड गिरफ्तार
पुलिस ने इस गिरोह के कथित ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार समेत कई प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य देश के कई राज्यों से जुड़े हुए थे और संगठित तरीके से इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
कई राज्यों से जुड़े हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों का संबंध गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड, नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से है। सभी आरोपी लखनऊ में किराए के फ्लैटों में रहकर कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे।
नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बरामद डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साइबर सेल अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।