भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी कार्यों में लगे बीएलओ (Booth Level Officer) और बीएलओ सुपरवाइजर्स को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन कर्मचारियों के वार्षिक मानदेय में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इस निर्णय से प्रदेशभर के हजारों मैदानी चुनावी कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
BLO का मानदेय हुआ दोगुना
सरकार के नए आदेश के तहत अब तक बीएलओ को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये का मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। यानी मतदान केंद्र अधिकारियों के मानदेय में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
सुपरवाइजर्स को भी मिला बढ़ा हुआ मानदेय
बीएलओ सुपरवाइजर्स के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। पहले उन्हें 12,000 रुपये प्रतिवर्ष मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
1 अप्रैल से मिलेगा बढ़े हुए मानदेय का लाभ
जानकारी के मुताबिक, मानदेय वृद्धि का यह आदेश 1 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा। इसका लाभ कर्मचारियों को चालू वित्तीय वर्ष से ही मिलेगा और बढ़ी हुई राशि का भुगतान नए प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगी खर्च
इस मानदेय वृद्धि पर होने वाला खर्च केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से वहन करेंगी। दोनों सरकारें इस पर आने वाले वित्तीय भार का 50-50 प्रतिशत हिस्सा उठाएंगी।
चुनावी कर्मचारियों में खुशी
सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर्स में खुशी का माहौल है। माना जा रहा है कि इससे मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी कार्यों में लगे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और निर्वाचन संबंधी कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।