भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि घोटाले के मुद्दे पर तीन दिनों के लिए 'मौन सत्याग्रह' का ऐलान किया है। पार्टी ने इस दौरान अपने नेताओं, प्रवक्ताओं और अधिकृत प्रतिनिधियों को टीवी डिबेट में शामिल होने और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को व्यक्तिगत आधिकारिक बयान देने से रोक दिया है। इस संबंध में संगठन प्रभारी महासचिव डॉ. संजय कामले ने आदेश जारी किया है।
मीडिया पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि घोटाले को लेकर प्रदेशभर में व्यापक चर्चा हो रही है। पार्टी का दावा है कि सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में नागरिकों ने इस मामले से जुड़े तथ्य, दस्तावेज और सवाल साझा किए हैं, लेकिन अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से नहीं दिखाया और न ही इस पर सार्थक टीवी बहस आयोजित की।
जनता का ध्यान भटकाने का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जनहित और जवाबदेही से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को प्राथमिकता देने के बजाय जनता का ध्यान अन्य मुद्दों की ओर मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी के मुताबिक इससे प्रदेश की जनता तक महत्वपूर्ण जानकारियां प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रही हैं।
तीन दिन तक नहीं देंगे बाइट, नहीं करेंगे डिबेट
पार्टी ने इस विरोध को लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराने के लिए तीन दिनों तक 'मौन सत्याग्रह' करने का निर्णय लिया है। आदेश के अनुसार, इस अवधि में अधिकृत प्रेस कॉन्फ्रेंस को छोड़कर मध्य प्रदेश कांग्रेस का कोई भी अधिकृत नेता, प्रवक्ता या प्रतिनिधि किसी भी टीवी डिबेट में भाग नहीं लेगा, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को व्यक्तिगत आधिकारिक बयान नहीं देगा और किसी भी टेलीविजन चर्चा में शामिल नहीं होगा।
लोकतांत्रिक विरोध का दावा
कांग्रेस का कहना है कि यह फैसला मीडिया के रवैये के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने और जनहित के मुद्दों को उचित स्थान दिलाने के उद्देश्य से लिया गया है। पार्टी का मानना है कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर निष्पक्ष और व्यापक चर्चा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।