MP Renewable Energy News: मध्यप्रदेश अब देश का ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य 24 घंटे हरित (Renewable) ऊर्जा उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रहा है। नई दिल्ली में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से मध्यप्रदेश की ऊर्जा क्रांति में सहभागी बनने का आह्वान किया।
'मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा का नया अध्याय लिख रहा है'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सिर्फ नई परियोजनाएं शुरू नहीं कर रहा, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दावोस में की गई घोषणा के अनुरूप प्रदेश 24 घंटे हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके लिए बड़े स्तर पर निवेश आकर्षित किया जा रहा है।
निवेशकों को दिया बड़ा भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को-
पारदर्शी नीतियां
त्वरित निर्णय
विश्वस्तरीय अधोसंरचना
निवेश के अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश और विदेश की कंपनियों से मध्यप्रदेश की ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं में निवेश करने की अपील की।
रीवा से नीमच तक... ग्रीन एनर्जी में बना नया रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश पहले ही देश में कई रिकॉर्ड स्थापित कर चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपलब्धियां बताती हैं कि मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर सरकार का बड़ा फोकस
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि 24 घंटे हरित ऊर्जा परियोजना भविष्य में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐतिहासिक साबित होगी।
देश की दिग्गज कंपनियां हुईं शामिल
नई दिल्ली स्थित एमपी भवन में आयोजित प्री-बिड मीटिंग में कई बड़ी ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में मौजूद प्रमुख कंपनियां
कंपनी
टाटा पावर
रिलायंस एनर्जी
टोरेंट पावर
जिंदल रिन्युएबल
NTPC
अडानी ग्रीन
हिन्दुस्तान पावर
महिंद्रा सिस्टम
बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश को क्या होगा फायदा?
24 घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी।
ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बड़े निवेश की संभावना।
हजारों नए रोजगार के अवसर।
उद्योगों को सस्ती और स्थायी बिजली।
पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी।
FAQ
Q1. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किस कार्यक्रम को संबोधित किया?
उत्तर: नई दिल्ली स्थित एमपी भवन में आयोजित प्री-बिड मीटिंग को वर्चुअली संबोधित किया।
Q2. मध्यप्रदेश का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: प्रदेश में 24 घंटे हरित ऊर्जा उपलब्ध कराना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करना।
Q3. शाजापुर-नीमच सोलर परियोजना का टैरिफ कितना है?
उत्तर: ₹2.14 प्रति यूनिट, जो प्रदेश के सबसे कम सौर टैरिफ में शामिल है।
Q4. बैठक में कौन-कौन सी बड़ी कंपनियां शामिल हुईं?
उत्तर: टाटा पावर, रिलायंस एनर्जी, NTPC, अडानी ग्रीन, टोरेंट पावर, जिंदल रिन्युएबल सहित कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।