'डिजिटल इंडिया' अभियान के 11 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक केंद्रित बनाया है, साथ ही करोड़ों लोगों के जीवन को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
डिजिटल इंडिया ने बदली देश की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पिछले 11 वर्षों में डिजिटल इंडिया ने गवर्नेंस को नई दिशा दी है। डिजिटल पेमेंट, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी आज 'ईज ऑफ लिविंग' का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।
गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचा डिजिटल बदलाव
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया की बदौलत नवाचार की लहर देश के गांवों और टियर-2 व टियर-3 शहरों तक पहुंची है। आज देश के हर हिस्से से युवा उद्यमी और स्टार्टअप नई तकनीकों के जरिए वैश्विक चुनौतियों के समाधान तैयार कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और सार्वजनिक सेवाओं में भी डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग से बड़ा बदलाव आया है।
AI और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल क्षेत्र में हुई प्रगति के कारण भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि आने वाले समय में यही तकनीकें देश के विकास और नए अवसरों का आधार बनेंगी।
'दुनिया में भारत की नई पहचान बनी'
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता ने दुनिया में भारत की नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान देशवासियों की नवाचार और तकनीक को अपनाने की क्षमता का प्रमाण है और इसी के बल पर भारत वैश्विक डिजिटल नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
संस्कृत श्लोक के जरिए दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए कहा कि विवेक, विज्ञान और संयम के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति ही अपने सर्वोच्च लक्ष्य तक पहुंच सकता है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य ऐसी तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित करना है, जो हर नागरिक को सशक्त बनाए और सतत विकास को गति दे।