नई दिल्ली - भारतीय जनता पार्टी के (भाजपा) सांसद संबित पात्रा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का मजाक उड़ाने की कोशिश की है, जो न केवल अनुचित है बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति और अहंकार को भी दर्शाता है। पात्रा ने कहा कि किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष के प्रति इस तरह की टिप्पणी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
'तीन दिन के दौरे पर थे भाजपा अध्यक्ष'
संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हाल ही में तीन दिन के तेलंगाना दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं, संगठनात्मक समीक्षा की और कार्यकर्ताओं से संवाद किया। दौरे के समापन पर उन्होंने विश्वास जताया था कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में भाजपा तेलंगाना में बड़ी जीत दर्ज करेगी। पात्रा के अनुसार, इसी बयान के बाद रेवंत रेड्डी ने एक जनसभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर टिप्पणी की।
'यह कांग्रेस के अहंकार की पहचान'
भाजपा सांसद ने कहा कि रेवंत रेड्डी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द उनके अहंकार और कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल एक परिवार के इर्द-गिर्द राजनीति करती है और दूसरे नेताओं का सम्मान करना नहीं जानती। पात्रा ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां कांग्रेस की सोच और राजनीतिक संस्कृति को सामने लाती हैं।
'मुख्यमंत्री होकर भी नहीं जानते भाजपा अध्यक्ष कौन हैं'
संबित पात्रा ने रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी राज्य के मुख्यमंत्री को यह तक जानकारी नहीं है कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि रेवंत रेड्डी वास्तव में यह नहीं जानते, तो उन्हें राजनीति का विद्यार्थी कहलाने का भी अधिकार नहीं है। पात्रा ने कहा कि इस तरह का व्यवहार किसी मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
'मजाक करना भारी पड़ सकता है'
अपने बयान में संबित पात्रा ने रेवंत रेड्डी को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और मजाक करना कई बार भारी पड़ जाता है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जब विरोधियों द्वारा भाजपा नेताओं का मजाक उड़ाने के बाद उन्हें राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। पात्रा ने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में एक-दूसरे का सम्मान बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।