श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर जम्मू-कश्मीर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बुधवार से जम्मू में श्रद्धालुओं के लिए मौके पर ही पंजीकरण (On-Spot Registration) और RFID कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। आगामी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
जम्मू में रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारों में नजर आए। यात्रा को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। एक श्रद्धालु ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पहले जत्थे में यात्रा का अवसर मिलेगा और इसे वह बाबा बर्फानी का आशीर्वाद मानते हैं।
श्रद्धालुओं ने की व्यवस्थाओं की सराहना
यात्रियों ने प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बार सुविधाएं पहले से बेहतर हैं। हालांकि कुछ श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन और RFID कार्ड की प्रक्रिया में थोड़ी परेशानी की बात भी कही, लेकिन उनका कहना था कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद यात्रा को लेकर विश्वास और उत्साह बढ़ जाता है।
श्रीनगर ट्रांजिट कैंप में भी पहुंचे श्रद्धालु
पहले जत्थे के रवाना होने से पहले श्रीनगर के ट्रांजिट कैंप में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पहली बार बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए आए हैं। महिला श्रद्धालुओं ने ट्रांजिट कैंप में भोजन, ठहरने और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा
इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालु दो मार्गों से यात्रा कर सकेंगे। पारंपरिक पहलगाम मार्ग से गुफा तक पहुंचने में लगभग चार दिन का समय लगता है, जबकि बालटाल मार्ग अपेक्षाकृत छोटा है, जहां श्रद्धालु एक ही दिन में दर्शन कर वापस लौट सकते हैं। यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक व्यवस्था की है।