ग्वालियर! मध्यप्रदेश की ग्वालियर MP-MLA कोर्ट ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामला 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक सार्वजनिक बयान से जुड़ा है, जिसमें BSP उम्मीदवार देवाशीष जरारिया पर BJP के साथ साठगांठ का आरोप लगाया गया था।
कोर्ट का सख्त रुख, गिरफ्तारी वारंट जारी
अदालत के अनुसार, 4 मई 2024 को जिले के उमरी पुलिस थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का नोटिस दिया था, लेकिन पेश न होने पर कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर कोर्ट की नाराजगी
सुनवाई में कोर्ट ने भिंड पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने सवाल उठाया कि जब जीतू पटवारी के बयान, रैलियां और राजनीतिक गतिविधियां सार्वजनिक रूप से दिखाई दे रही हैं, तो पुलिस उन्हें ढूंढने में असफल क्यों है। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पूरा मामला क्या है
27 अप्रैल 2024 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले में थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार फूल सिंह बरैया के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित किया। आरोप है कि इसी रैली में उन्होंने बिना सबूत देवाशीष जरारिया पर BJP के साथ सांठगांठ और लेन-देन का आरोप लगाया। बाद में देवाशीष जरारिया की शिकायत पर FIR दर्ज की गई।
सियासी बयानबाजी तेज
मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस के भीतर भी बयानबाजी तेज हुई। वरिष्ठ नेता ने संगठनात्मक मुद्दों और मौजूदा हालात पर प्रतिक्रिया दी, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और बढ़ गईं।
आगे क्या
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अब सबकी नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई और कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। यह मामला आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में और असर डाल सकता है।