अयोध्या - अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और हेराफेरी मामले में पहली बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि आरोपी टिन्नू यादव ने बेहद गलत काम किया और उन्हें उससे ऐसी हरकत की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि शिकायत दर्ज कराने में उनसे देरी हुई, हालांकि चोरी की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपनी ओर से जांच शुरू कर दी थी।
चंपत राय ने कहा कि जैसे ही उन्हें चढ़ावे में गड़बड़ी की जानकारी मिली, उन्होंने मामले की आंतरिक जांच कराई। जांच के दौरान चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों से रकम भी बरामद करवाई गई। उन्होंने बताया कि इसी जांच के बाद उन्होंने स्वयं एसआईटी को शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
'शिकायत करने में देरी मेरी गलती'
चंपत राय ने माना कि इस पूरे मामले में शिकायत दर्ज कराने में देरी उनकी गलती रही। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट पहले अपने स्तर पर पूरे मामले की सच्चाई जानना चाहता था, इसलिए आंतरिक जांच जारी रही। हालांकि बाद में पर्याप्त तथ्य मिलने पर एसआईटी को शिकायत सौंप दी गई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
5 जून के CCTV फुटेज से उठे सवाल
इस मामले में 5 जून के सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, फुटेज से संकेत मिलता है कि ट्रस्ट को चंदा चोरी की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ट्रस्ट के कुछ प्रतिनिधि आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंचे थे, जहां से नकदी भी बरामद हुई थी। इसी वजह से शिकायत दर्ज करने में हुई देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रस्ट सदस्यों की वित्तीय जांच जारी
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस और जांच एजेंसियां अब मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। चंपत राय, गोपाल राव, अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों की वित्तीय जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां उनके बैंक खातों, लेन-देन और संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी या हेराफेरी के मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
जांच पर टिकी सभी की निगाहें
राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए चढ़ावे में कथित चोरी का मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। पुलिस और एसआईटी लगातार साक्ष्य जुटा रही हैं और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।