लखनऊ- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर पार्टी के डिजिटल सदस्यता अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में संविधान, आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर बूथ पर 50 नए सदस्य जोड़ने का आह्वान भी किया।
डिजिटल सदस्यता अभियान का शुभारंभ
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय में अखिलेश यादव ने दलित समुदाय से आने वाली अंजलि और उनके परिवार को पार्टी की सदस्यता दिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी से प्रदेश की जनता को बड़ी उम्मीदें हैं और उन उम्मीदों पर खरा उतरना पार्टी की जिम्मेदारी है।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान और आस्था दोनों का अपमान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के थाने, तहसील और सरकारी अस्पताल भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके हैं। उनका दावा था कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और संविधान की भावना के विपरीत काम कर रही है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भी साधा निशाना
राम मंदिर चढ़ावा विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चढ़ावे से जुड़े मामले में सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी बंद किए गए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा के प्रतीक हैं और बाबा साहेब का संविधान भी देश की सबसे बड़ी मर्यादा है, लेकिन भाजपा ने दोनों के साथ न्याय नहीं किया।
'भगवान श्रीराम ने रास्ता दिखाया'
अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा में केदारेश्वर भगवान के मंदिर निर्माण के दौरान उन्हें यह नहीं पता था कि वह श्रीशक्ति अक्ष रेखा पर स्थित होगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने खुद को "असली रामभक्त" मानते हुए इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए आवाज उठाई।
20 रुपये रखा गया सदस्यता शुल्क
समाजवादी पार्टी ने सदस्यता अभियान के लिए 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस अभियान के जरिए संगठन मजबूत होगा और पार्टी को आर्थिक सहयोग भी मिलेगा। कार्यक्रम में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।