पश्चिम बंगाल के आरामबाग में दूसरे चरण के मतदान के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। अस्पताल में भर्ती तृणमूल कांग्रेस सांसद मिताली बाग गंभीर चोटों के बावजूद एंबुलेंस से सीधे अपने 139 नंबर बूथ पर पहुंचीं और मतदान किया। उनकी इस हिम्मत भरी कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
घटना कैसे हुई?
आरामबाग के गोघाट इलाके में पिछले सोमवार को मिताली बाग की गाड़ी पर कथित हमला हुआ था, जिसमें वह घायल हो गई थीं। शरीर में कांच के टुकड़े लगने के बाद उन्हें आरामबाग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल से बूथ तक का सफर
बुधवार सुबह, डॉक्टरों की सलाह और इलाज के बीच ही उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने का निर्णय लिया। एंबुलेंस से उन्हें सीधे मतदान केंद्र लाया गया, जहां वह स्ट्रेचर पर ही बूथ के अंदर गईं और वोट डाला।
घटना के बाद सियासी माहौल गरम
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने हमले के लिए विपक्ष पर निशाना साधा है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक नाटक बताया है।
चुनाव आयोग की कार्रवाई
घटना को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है और कहा है कि सभी रिपोर्टों की जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।
राजनीतिक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि घायल अवस्था में मतदान करना न केवल सहानुभूति की राजनीति को प्रभावित कर सकता है, बल्कि चुनावी माहौल में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।