नई दिल्ली. मध्य-पश्चिम भारत के लिए इजरायली महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने हिंदू धर्म को लेकर रब्बी योसी मिजराही की आपत्तिजनक टिप्पणियों पर माफी मांगी है। उन्होंने बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी बातों से घिन आती है। रेवाच ने स्पष्ट किया कि योसी मिजराही यहूदी समुदाय या इजरायल का प्रतिनिधित्व नहीं करते। भारत और हिंदुओं से माफी मांगते हुए उन्होंने रिश्तों को नुकसान पहुंचाने वाली मूर्खता के लिए खेद व्यक्त किया। आधिकारिक प्रतिक्रिया से विवाद थमने की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों देशों के संबंधों को महत्व देते हुए बयान दिया गया।
योसी मिजराही की विवादित टिप्पणी
योसी मिजराही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह हिंदुओं की गाय के प्रति धार्मिक आस्था का मजाक उड़ाते नजर आए। उन्होंने दावा किया कि भारत में हिंदू गाय की पूजा करते हैं और उसके मूत्र को फर्श से चाटते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ भारतीय डॉक्टर भी ऐसा करते हैं। इन टिप्पणियों को व्यापक रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक माना गया। वीडियो के वायरल होने के बाद भारत में आक्रोश फैल गया। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान पर प्रतिक्रियाएं तेज हुईं।
दूत का सोशल मीडिया बयान
यानिव रेवाच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि योसी मिजराही की हिंदू धर्म के खिलाफ जहरीली और आपत्तिजनक बकवास से मुझे बेहद घिन आ रही है। यह कट्टरपंथी और होलोकॉस्ट से इनकार करने वाला व्यक्ति किसी का प्रतिनिधित्व नहीं करता सिवाय अपनी अज्ञानता के। दूत ने साफ शब्दों में व्यक्ति की निंदा की। बयान में भावनात्मक और कूटनीतिक दोनों पहलू शामिल रहे। सार्वजनिक मंच से माफी और दूरी दोनों जाहिर की गई।
यहूदी समुदाय से दूरी का जिक्र
रेवाच ने कहा कि योसी मिजराही को इजरायल और ब्रिटेन के मुख्यधारा के यहूदी समुदायों ने पूरी तरह बहिष्कृत कर रखा है और उनसे दूरी बना रखी है। यह व्यक्ति अपने बयानों के जरिए किसी भी तरह से यहूदी समुदाय की सोच को प्रदर्शित नहीं करता। मुख्यधारा से अलग थलग व्यक्ति के रूप में उन्हें पेश किया गया। समुदाय की सहमति न होने पर जोर दिया गया। अपमानजनक टिप्पणियों को व्यक्तिगत अज्ञानता से जोड़ा गया।
भारत-इजरायल संबंधों पर जोर
इजरायली महावाणिज्य दूत ने कहा कि यहूदियों और इजरायलियों के मन में भारत और उसके धार्मिक विश्वासों के प्रति गहरा सम्मान है। हम इस बात के लिए दिल से माफी मांगते हैं कि इस जोकर की मूर्खता हमारे रिश्तों को नुकसान पहुंचा रही है। दोनों देशों के मजबूत संबंधों को रेखांकित किया गया। धार्मिक सम्मान और मैत्री भाव पर जोर दिया गया। कूटनीतिक स्तर पर रिश्तों को बचाने की मंशा साफ झलकी। माफी को संबंधों की मजबूती के संदर्भ में देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो और प्रतिक्रिया
योसी मिजराही की टिप्पणियों वाले वीडियो के प्रसार के बाद भारत में व्यापक प्रतिक्रिया हुई। सोशल मीडिया पर आक्रोश और निंदा के स्वर मुखर हुए। इजरायली पक्ष की ओर से त्वरित और स्पष्ट प्रतिक्रिया आने से स्थिति संभलने की उम्मीद जगी। आधिकारिक माफी और निंदा से दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास बनाए रखने का प्रयास किया गया। विवादित बयान को व्यक्तिगत करार देकर आगे बढ़ने की रणनीति अपनाई गई। घटना ने धार्मिक संवेदनशीलता के महत्व को फिर रेखांकित किया।