देश के पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और किश्तवाड़ जिलों में बादल फटने के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं और कुछ के लापता होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
पुंछ में लैंडस्लाइड से मकान दबा, 2 साल के मासूम समेत 5 की मौत
पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में देर रात भारी बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा और चट्टानें खिसककर एक मकान पर आ गिरीं। हादसे के समय घर में आठ लोग मौजूद थे। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए पुलिस, प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू टीम ने मलबे से 2 साल के मासूम सहित पांच लोगों के शव बरामद किए। अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का काम जारी है।
किश्तवाड़ में बादल फटने से घर और खेत तबाह
किश्तवाड़ जिले के सुर्नू इलाके में बादल फटने के बाद तेज बहाव ने कई मकानों, खेतों और ग्रामीण संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर पानी और मलबा भर जाने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन प्रभावित इलाकों का लगातार जायजा ले रहा है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
राजौरी में उफान पर धारहाल नदी, सैकड़ों वाहन बहे
राजौरी जिले में लगातार बारिश के चलते धारहाल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी के तेज बहाव में करीब 200 से 250 वाहन बह गए। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से यात्रा मार्ग प्रभावित
उत्तराखंड में भी लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड होने के बाद घोड़े-खच्चरों की सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। वहीं कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के एक जत्थे को भी खराब मौसम के कारण सुरक्षित स्थान पर रोकना पड़ा।प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राहत एवं बचाव कार्य तेज, लोगों से सतर्क रहने की अपील
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के प्रभावित इलाकों में पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है। लोगों से नदी-नालों के पास न जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
अगले 24 से 48 घंटे रह सकते हैं चुनौतीपूर्ण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सक्रिय मानसूनी तंत्र के चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई पहाड़ी राज्यों में अगले 24 से 48 घंटे तक भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और सड़क मार्ग बाधित होने जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है।प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।