भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (National Film Awards 2024) की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष 'आर्टिकल 370' ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का खिताब अपने नाम किया, जबकि यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और ममूटी तथा कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया। इसके अलावा 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर', 'कल्कि 2898 एडी', 'पुष्पा: द रूल पार्ट-02', 'स्त्री 2' और 'भूल भुलैया 3' जैसी फिल्मों ने भी विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीते।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा शनिवार को की गई। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म, वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) और सिनेमा पर लेखन के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने वाले कलाकारों और फिल्मकारों को दिया जाता है। पुरस्कारों की घोषणा फीचर फिल्म जूरी के चेयरमैन जयराज, नॉन-फीचर फिल्म जूरी के चेयरमैन असीम सिन्हा और सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन जूरी के चेयरमैन ए. चंद्रशेखर ने की। इस दौरान संयुक्त सचिव (फिल्म्स) डॉ. अजय नागभूषण एम.एन. और पीआईबी के प्रधान महानिदेशक धीरेंद्र ओझा भी मौजूद रहे।
'आर्टिकल 370' बनी सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म
इस वर्ष 'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म (Best Feature Film) का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। फिल्म को इसकी दमदार कहानी, निर्देशन और सामाजिक-राजनीतिक विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए सराहा गया। यह पुरस्कार फिल्म की पूरी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यामी गौतम बनीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
'आर्टिकल 370' में अपने प्रभावशाली अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका) का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। फिल्म में उनके अभिनय की दर्शकों और समीक्षकों ने खूब प्रशंसा की थी। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के साथ ही यामी गौतम के करियर में यह एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
ममूटी और कार्तिक आर्यन ने साझा किया सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मुख्य भूमिका) का राष्ट्रीय पुरस्कार इस बार दो कलाकारों ने साझा किया। मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को फिल्म 'ब्रह्मयुगम' में शानदार अभिनय के लिए यह सम्मान मिला, जबकि कार्तिक आर्यन को 'चंदू चैंपियन' में दमदार प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
रणदीप हुड्डा बने सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक
अभिनेता रणदीप हुड्डा ने फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के निर्देशन से बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ डेब्यू डायरेक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। यह पुरस्कार बताता है कि अभिनय के साथ-साथ निर्देशन में भी रणदीप हुड्डा ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
नॉन-फीचर फिल्म और डॉक्यूमेंट्री श्रेणी के विजेता
नॉन-फीचर फिल्म श्रेणी में 'भंगार' को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया गया। वहीं, 'राम-नामी' को सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र (Best Documentary Film) का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इन दोनों कृतियों को सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया।
इन फिल्मों ने भी जीते बड़े पुरस्कार
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कई बड़ी फिल्मों ने अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार अपने नाम किए। इनमें—
- कल्कि 2898 एडी
- अमरन
- पुष्पा: द रूल पार्ट-02
- भूल भुलैया 3
- स्त्री 2
जैसी चर्चित फिल्मों को भी विभिन्न तकनीकी और रचनात्मक श्रेणियों में सम्मान मिला। इससे भारतीय सिनेमा की विविधता, तकनीकी उत्कृष्टता और कहानी कहने की क्षमता को नई पहचान मिली।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार क्यों हैं खास?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित फिल्म सम्मानों में गिने जाते हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट अभिनय, निर्देशन, लेखन, संगीत, तकनीकी कौशल और सामाजिक विषयों पर बनी फिल्मों को प्रोत्साहित करना है। हर वर्ष विभिन्न भाषाओं और विधाओं की फिल्मों का मूल्यांकन विशेषज्ञ जूरी द्वारा किया जाता है, जिसके बाद विजेताओं की घोषणा की जाती है।