भोपाल। मध्य प्रदेश में 10 हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों के लिए दस्तावेज अपलोड और वेरिफिकेशन का शेड्यूल जारी कर दिया है, लेकिन इसके लिए महज तीन दिन का समय दिए जाने से हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर MP Online पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर माना जाएगा। हालांकि, गंभीर और वैधानिक कारण वाले मामलों में विभाग अलग से विचार कर सकता है। ऐसे में चयनित उम्मीदवारों के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं।
10 हजार प्राथमिक शिक्षकों की होगी नियुक्ति
राज्य सरकार इस भर्ती अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े प्राथमिक शिक्षकों के पद भरने जा रही है।
भर्ती का विभाजन इस प्रकार है-
| विभाग | पद |
|---|---|
| स्कूल शिक्षा विभाग | 8,000 |
| आदिम जाति कल्याण विभाग | 2,000 |
| कुल पद | 10,000 |
सरकार का लक्ष्य है कि नए शिक्षकों की नियुक्ति जल्द पूरी कर उन्हें चालू शैक्षणिक सत्र में ही स्कूलों में पदस्थ किया जाए।
सिर्फ 3 दिन में करना होगा दस्तावेज अपलोड
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार चयनित अभ्यर्थियों को 18 जुलाई से 20 जुलाई के बीच MP Online पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल बनाकर सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है। अपलोड किए जाने वाले प्रमुख दस्तावेजों में शामिल हैं-
शैक्षणिक प्रमाण पत्र
अंकसूची
आधार कार्ड
पहचान पत्र
निवास प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र
दिव्यांग प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र
विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और सामान्य परिस्थितियों में अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
21 जुलाई तक कराना होगा दस्तावेज सत्यापन
ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने के बाद अभ्यर्थियों को 21 जुलाई तक निर्धारित सत्यापन शिविरों में पहुंचकर अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को-
सभी मूल प्रमाण पत्र साथ ले जाने होंगे।
निर्धारित केंद्र पर तय समय पर उपस्थित होना होगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वेरिफिकेशन कराया जाएगा।
सत्यापन पूरा होने के बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा।
दस्तावेज अपलोड नहीं किए तो क्या होगा?
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि-
तय समय में दस्तावेज अपलोड नहीं करने पर अभ्यर्थी की प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी।
समय पर सत्यापन नहीं कराने वाले उम्मीदवार भी नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।
बिना किसी वैधानिक कारण के अनुपस्थित रहने वालों को राहत नहीं मिलेगी।
यानी केवल परीक्षा पास करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भर्ती की सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करना भी जरूरी होगा।
शिक्षा विभाग इतनी जल्दबाजी में क्यों?
अभ्यर्थियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि विभाग ने इतनी कम समय-सीमा क्यों तय की है। दरअसल, विभागीय अधिकारियों के अनुसार-
भर्ती प्रक्रिया पहले ही अपेक्षा से अधिक समय ले चुकी है।
सरकार जुलाई के अंत तक पूरी प्रक्रिया पूरी करना चाहती है।
27 और 28 जुलाई को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपने की तैयारी की जा रही है।
इसके बाद नए शिक्षकों को तुरंत स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा ताकि नए शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई प्रभावित न हो।
यही वजह है कि विभाग तेजी से दस्तावेज अपलोड, सत्यापन और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया पूरी करना चाहता है।
अभ्यर्थियों ने समय बढ़ाने की मांग की
तीन दिन की समय-सीमा को लेकर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि-
शनिवार और रविवार भी इसी अवधि में आ रहे हैं।
कई उम्मीदवार अपने गृह जिले से बाहर हैं।
कुछ लोगों के दस्तावेज अपडेट नहीं हैं।
तकनीकी समस्या आने पर समय पर प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल हो सकता है।
इसी कारण कई अभ्यर्थियों ने सरकार से दस्तावेज अपलोड और सत्यापन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की है।
आयुक्त अभिषेक सिंह ने क्या कहा?
शिक्षा विभाग के आयुक्त अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा दिया गया समय पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि सभी चयनित अभ्यर्थी समय रहते प्रक्रिया पूरी करें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई उम्मीदवार किसी गंभीर और वैधानिक कारण से दस्तावेज अपलोड या सत्यापन नहीं करा पाता है, तो विभाग उसके मामले पर अलग से विचार कर सकता है। लेकिन बिना किसी ठोस कारण के समय-सीमा चूकने वालों को कोई विशेष राहत नहीं मिलेगी।
आदिम जाति कल्याण विभाग की तैयारी धीमी
जहां स्कूल शिक्षा विभाग तेजी से भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, वहीं आदिम जाति कल्याण विभाग में अभी अपेक्षित गति दिखाई नहीं दे रही है। इसी विभाग के अंतर्गत लगभग 2,000 शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। ऐसे में इस श्रेणी के चयनित अभ्यर्थियों के बीच यह चिंता बनी हुई है कि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
प्रदेश के हजारों प्राथमिक विद्यालय वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। कई स्कूलों में एक या दो शिक्षकों के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है।
10 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति के बाद-
प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पद भरेंगे।
विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को राहत मिलेगी।
शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां
| प्रक्रिया | तिथि |
|---|---|
| दस्तावेज अपलोड | 18 से 20 जुलाई |
| दस्तावेज सत्यापन | 21 जुलाई तक |
| संभावित नियुक्ति पत्र वितरण | 27-28 जुलाई |