मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बार फिर सादगी, मितव्ययिता और सुशासन का संदेश देने जा रहे हैं। आज होने वाली डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक के लिए मुख्यमंत्री और पूरी मंत्रिपरिषद अपने सरकारी वाहन एवं सुरक्षा काफिले का उपयोग नहीं करेगी। सभी मंत्री सामूहिक रूप से इलेक्ट्रिक बसों से जगदीशपुर पहुंचेंगे। सरकार का कहना है कि यह पहल सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सरकारी काफिला छोड़ इलेक्ट्रिक बस से रवाना होंगे मुख्यमंत्री
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सभी मंत्री और उनका स्टाफ सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। यहां से तीन इलेक्ट्रिक बसों के जरिए सभी लोग सामूहिक रूप से जगदीशपुर स्थित कैबिनेट बैठक स्थल के लिए रवाना होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रियों के सरकारी वाहन, पायलट कार, फॉलो वाहन तथा अन्य सुरक्षा काफिले मुख्यमंत्री निवास पर ही रहेंगे। पूरी मंत्रिपरिषद एक साथ बसों में सफर करेगी।

वरिष्ठ अधिकारी भी अपनाएंगे यही व्यवस्था
मुख्यमंत्री की इस पहल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी सहभागी बनेंगे। कैबिनेट बैठक में शामिल होने वाले अधिकारी अपने सरकारी वाहन कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पार्क करेंगे और वहां से इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से बैठक स्थल तक जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी वाहनों की संख्या कम होगी, यातायात का दबाव घटेगा और ईंधन की भी बचत होगी।

सादगी और मितव्ययिता का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लंबे समय से प्रशासन में सादगी और वित्तीय अनुशासन पर जोर देते रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने अनावश्यक सरकारी खर्चों पर रोक लगाने के लिए कई दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जिनमें फिजूलखर्ची कम करने, सरकारी बैठकों में सादगी अपनाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष बल दिया गया है। इलेक्ट्रिक बस से कैबिनेट बैठक में जाने का निर्णय इसी सोच का विस्तार माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह संदेश देना है कि जनधन का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों पर ही किया जाए।
ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
एक साथ इलेक्ट्रिक बसों में यात्रा करने से बड़ी संख्या में सरकारी वाहनों के उपयोग की आवश्यकता नहीं होगी। इससे डीजल और पेट्रोल की खपत कम होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की व्यवस्था सरकारी बैठकों और आयोजनों में नियमित रूप से अपनाई जाए तो इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सरकारी खर्च में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
डेस्टिनेशन कैबिनेट की परंपरा को मिल रही नई पहचान
मध्य प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग जिलों में डेस्टिनेशन कैबिनेट की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य राजधानी से बाहर जाकर स्थानीय विकास कार्यों की समीक्षा करना, क्षेत्रीय समस्याओं को समझना और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेना है। आज जगदीशपुर में होने वाली कैबिनेट बैठक भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है। इस बैठक में किसानों, कृषि, समान नागरिक संहिता (UCC) सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।
सुशासन का प्रतीक बनी पहल
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस पहल को सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक माना जा रहा है। सरकारी संसाधनों के मितव्ययी उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और जनता के धन के विवेकपूर्ण इस्तेमाल का संदेश देने वाली यह पहल प्रशासनिक कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।