फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। न्यू जर्सी में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और शानदार प्रदर्शन के दम पर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने विश्व कप इतिहास का अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इससे पहले टीम ने 1966 में विश्व कप का खिताब जीता था।
मुकाबले के सबसे बड़े नायक बुकायो साका रहे, जिन्होंने शानदार हैट्रिक लगाकर इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल दागकर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखने की पूरी कोशिश की। हालांकि उनकी यह कोशिश टीम को हार से नहीं बचा सकी।
एम्बाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे
फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने इस मुकाबले में दो गोल कर गोल्डन बूट की रेस में बढ़त हासिल कर ली। उनके अब इस विश्व कप में 10 गोल हो चुके हैं, जबकि अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी के खाते में 8 गोल हैं। हालांकि मेसी के पास फाइनल मुकाबले में गोल कर इस दौड़ में वापसी करने का मौका रहेगा।
एम्बाप्पे ने इसी के साथ विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके नाम अब कुल 22 विश्व कप गोल दर्ज हो गए हैं, जबकि मेसी 21 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
मुकाबले में बने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। विश्व कप इतिहास में तीसरे स्थान के मैच में पहली बार कुल 10 गोल देखने को मिले। इसके अलावा यह 1982 के बाद सबसे ज्यादा गोल वाला विश्व कप मुकाबला भी बन गया।
इंग्लैंड के मिडफील्डर डेक्लान राइस ने मैच के 2 मिनट 14 सेकेंड में गोल कर टीम के लिए विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज गोल दागा। इंग्लैंड के लिए सबसे तेज गोल का रिकॉर्ड अब भी ब्रायन रॉब्सन के नाम है, जिन्होंने 1982 विश्व कप में फ्रांस के खिलाफ ही मुकाबले के 28वें सेकेंड में गोल किया था।
फ्रांस के माइकल ओलिसे ने इस मैच में अपना सातवां असिस्ट दर्ज किया और 1966 के बाद किसी एक विश्व कप में सबसे ज्यादा असिस्ट करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले का 1970 विश्व कप का 6 असिस्ट का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा
इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही फ्रांस पर दबाव बनाए रखा। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कॉन्सा ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया।
बुकायो साका ने 37वें मिनट में शानदार गोल किया और पहले हाफ के इंजरी टाइम में एक और गोल कर इंग्लैंड को हाफ टाइम तक 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। पहले 45 मिनट में इंग्लैंड का प्रदर्शन पूरी तरह एकतरफा रहा।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने की वापसी की कोशिश
दूसरे हाफ में फ्रांस ने तेज शुरुआत की। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने 48वें मिनट में गोल कर टीम की उम्मीदें जगाईं। इसके बाद 54वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल कर स्कोर 4-2 कर दिया।
66वें मिनट में एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागा और फ्रांस को मुकाबले में वापसी दिलाई। एक समय ऐसा लगा कि फ्रांस मैच बराबरी पर ला सकता है, लेकिन इंग्लैंड ने संयम बनाए रखा।
पेनल्टी से साका ने पूरी की हैट्रिक
मुकाबले के 87वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली। बुकायो साका ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाया और अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की। इसके साथ ही इंग्लैंड की जीत लगभग तय हो गई।
इंजरी टाइम में फ्रांस के उस्मान डेम्बेले ने एक और गोल कर स्कोर 5-4 किया, लेकिन अगले ही मिनट जूड बेलिंगहम ने इंग्लैंड के लिए छठा गोल दागकर मुकाबले पर पूरी तरह मुहर लगा दी। अंततः इंग्लैंड ने 6-4 से जीत दर्ज करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
फाइनल पर टिकी रहेंगी नजरें
तीसरे स्थान का मुकाबला समाप्त होने के बाद अब फुटबॉल प्रेमियों की नजरें विश्व कप 2026 के फाइनल पर होंगी। अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले इस खिताबी मुकाबले में लियोनेल मेसी के पास न केवल विश्व कप जीतने, बल्कि गोल्डन बूट की दौड़ में किलियन एम्बाप्पे को चुनौती देने का भी अवसर होगा।