मध्यप्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक दृष्टि से रविवार का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल शहर से सटे ऐतिहासिक गांव जगदीशपुर में आठवीं डेस्टिनेशन कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होगी। इनमें सबसे प्रमुख समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का मसौदा है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है।
बैठक में यूसीसी के प्रमुख प्रावधानों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया जाएगा, ताकि सभी मंत्री विधेयक के विभिन्न पहलुओं से पूरी तरह अवगत हो सकें। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों के प्रारूप पर भी विचार कर स्वीकृति दी जा सकती है।
मानसून सत्र की रणनीति पर रहेगा फोकस
कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान यूसीसी, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, श्रम संहिता, फायर सेफ्टी, नागरिक सुरक्षा संहिता, पंचायत उपकर, माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन तथा राजमार्ग संशोधन सहित कई प्रस्तावित विधेयकों पर चर्चा की गई।सरकार का उद्देश्य है कि विधानसभा में विधेयक पेश होने से पहले सभी मंत्रियों को उनके प्रावधानों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि सदन में प्रभावी ढंग से चर्चा हो सके।
यूसीसी में विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े प्रावधान
प्रस्तावित समान नागरिक संहिता में विवाह और विवाह विच्छेद (तलाक) के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए पंजीयन अनिवार्य करने, ऐसी संतान को उत्तराधिकार का अधिकार देने और वृद्ध माता-पिता के संरक्षण से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।सरकार ने प्रस्तावित कानून के दायरे से आदिवासी, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु समुदायों के साथ मतांतरित आदिवासियों को बाहर रखने का प्रावधान किया है।
निजी कोचिंग विनियमन विधेयक फिलहाल टला
सूत्रों के अनुसार निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन से संबंधित विधेयक इस बार के मानसून सत्र में पेश नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर विभाग को और व्यापक अध्ययन तथा आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही इसे भविष्य में कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा।
निजी विश्वविद्यालयों के लिए नियम होंगे सरल
कैबिनेट बैठक में निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर भी विचार किया जाएगा। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार नए निजी विश्वविद्यालयों को अब 5 करोड़ रुपये की सुरक्षा निधि जमा कराने की अनिवार्यता समाप्त की जा सकती है। यह राशि वर्तमान में निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के पास जमा करनी होती है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए 25 एकड़ भूमि की अनिवार्यता हटाकर केवल पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने की शर्त लागू करने का प्रस्ताव है। सरकार का मानना है कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर अधोसंरचना के साथ कम भूमि पर भी गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालय स्थापित किए जा सकते हैं। इससे बड़े शैक्षणिक संस्थानों के लिए मध्यप्रदेश में निवेश का मार्ग आसान होगा।
डेस्टिनेशन कैबिनेट की परंपरा जारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों पर डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकों का आयोजन कर रही है। इससे पहले जबलपुर के शक्ति भवन, दमोह के सिंग्रामपुर, खरगोन के महेश्वर, इंदौर के राजवाड़ा, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, छतरपुर के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर और बड़वानी के नागलवाड़ी में कैबिनेट बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
सरकार की योजना उज्जैन में बाबा महाकाल की नगरी में भी कैबिनेट बैठक आयोजित करने की है। इसके अलावा प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में कृषि कैबिनेट की बैठकें आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है।
कई अहम फैसलों पर रहेगी नजर
जगदीशपुर में होने वाली कैबिनेट बैठक को विधानसभा के मानसून सत्र से पहले सरकार की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में माना जा रहा है। यूसीसी के मसौदे सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इन्हें विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। ऐसे में प्रदेश की राजनीति, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर सभी की नजर रहेगी।