बारिश के मौसम में देश के कई हिस्सों में बाढ़, जलभराव और ट्रैक पर पानी भरने जैसी स्थितियां सामने आती हैं। ऐसे हालात में भारतीय रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या ट्रेन रद्द होने पर टिकट का पूरा पैसा वापस मिलेगा? अगर आपकी भी ट्रेन भारी बारिश, बाढ़ या किसी प्राकृतिक कारण से रेलवे द्वारा रद्द कर दी गई है, तो आपके लिए राहत की खबर है। रेलवे के नियमों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में यात्रियों को पूरा टिकट रिफंड दिया जाता है। हालांकि, रिफंड की प्रक्रिया टिकट बुकिंग के तरीके पर निर्भर करती है।
क्यों रद्द होती हैं ट्रेनें?
मानसून के दौरान कई राज्यों में लगातार बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाता है। कई जगह बाढ़, भूस्खलन, पुलों पर खतरा या पटरियों के क्षतिग्रस्त होने जैसी स्थितियां बन जाती हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द या डायवर्ट कर देता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को आर्थिक नुकसान न हो, इसके लिए भारतीय रेलवे ने रिफंड के स्पष्ट नियम बनाए हैं।
ऑनलाइन टिकट बुक कराने वालों के लिए राहत
अगर आपने IRCTC वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टिकट बुक किया है और ट्रेन रेलवे द्वारा पूरी तरह रद्द कर दी गई है, तो आपको किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। रेलवे के नियमों के अनुसार-
टिकट का 100 प्रतिशत किराया वापस किया जाएगा।
कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं काटा जाएगा।
TDR (Ticket Deposit Receipt) दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी।
रिफंड स्वतः उसी बैंक खाते, UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या भुगतान माध्यम में भेज दिया जाएगा, जिससे टिकट बुक किया गया था।
यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटिक होती है और यात्री को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ती।
काउंटर से टिकट लेने वालों के लिए क्या नियम हैं?
यदि आपने रेलवे के PRS आरक्षण काउंटर से टिकट खरीदा है, तो प्रक्रिया थोड़ी अलग होगी। ऐसी स्थिति में यात्रियों को-
निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित रेलवे आरक्षण काउंटर पर जाना होगा।
मूल टिकट जमा करना होगा।
रेलवे के नियमों के अनुसार रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यात्रियों को पूरा टिकट रिफंड दिया जाता है।
अगर रिफंड नहीं मिले तो क्या करें?
कई बार तकनीकी कारणों या प्रक्रिया में देरी की वजह से रिफंड समय पर नहीं आता। ऐसी स्थिति में रेलवे ने शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी है। यात्री इन माध्यमों से शिकायत कर सकते हैं-
Rail Madad पोर्टल
Rail Madad मोबाइल ऐप
IRCTC Customer Care
रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139
शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रिफंड प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।
कितने दिनों में आता है रिफंड?
रिफंड मिलने का समय भुगतान के माध्यम पर निर्भर करता है।
| टिकट का प्रकार | रिफंड प्रक्रिया |
|---|---|
| ई-टिकट | स्वतः बैंक खाते/UPI/Card में भेजा जाता है |
| काउंटर टिकट | टिकट जमा करने के बाद प्रक्रिया पूरी होती है |
आमतौर पर ऑनलाइन रिफंड कुछ कार्य दिवसों में खाते में आ जाता है।
मानसून में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यात्रा से पहले ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर देखें।
रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES ऐप का उपयोग करें।
SMS और IRCTC नोटिफिकेशन पर नजर रखें।
ट्रेन रद्द होने की स्थिति में घबराएं नहीं, पहले रिफंड नियम समझें।
काउंटर टिकट होने पर समय सीमा के भीतर रिफंड का दावा जरूर करें।
यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?
रेलवे की इस व्यवस्था से मानसून के दौरान यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। पहले कई लोग टिकट रिफंड की प्रक्रिया को लेकर भ्रम में रहते थे, लेकिन अब ऑनलाइन टिकट पर ऑटोमैटिक रिफंड और काउंटर टिकट के लिए स्पष्ट नियम होने से यात्रियों को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।
निष्कर्ष
मानसून के दौरान बाढ़ और भारी बारिश के कारण ट्रेनों का रद्द होना आम बात है, लेकिन ऐसे मामलों में यात्रियों को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ता। भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि ट्रेन रेलवे द्वारा रद्द की जाती है तो ऑनलाइन और काउंटर टिकट दोनों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा रिफंड दिया जाता है। इसलिए यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें और जरूरत पड़ने पर रेलवे की आधिकारिक सेवाओं का उपयोग करें।