देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राजधानी दिल्ली में जहां बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी भारी वर्षा के साथ बाढ़, जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली में आज गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि बारिश के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी।
उत्तर प्रदेश में छह दिन तक बारिश का दौर
आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जुलाई तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 21 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग पूरे सप्ताह तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। दिलचस्प बात यह है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 19 और 20 जुलाई को बारिश के बीच लू जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं, जिससे मौसम में असामान्य बदलाव देखने को मिल सकता है।
बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी भारी बारिश
बिहार में 19 और 20 जुलाई के दौरान कई जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका बनी हुई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं राजस्थान में 20 जुलाई से मानसून की गतिविधियां तेज होंगी। पूर्वी राजस्थान में 20 से 24 जुलाई तथा पश्चिमी राजस्थान में 22 से 24 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड और हिमाचल में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उत्तराखंड में 19 और 20 जुलाई को कई स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 20 और 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर के डोडा, कठुआ, रामबन और उधमपुर जिलों में भी भारी बारिश के चलते प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के उफान पर आने की स्थिति बन सकती है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बारिश का असर
पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार और कूचबिहार सहित कई इलाकों में भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में भी जारी रहेगा मानसून
कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में भी अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। कोंकण-गोवा में 19 से 24 जुलाई तक लगातार भारी वर्षा का अनुमान है। केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में भी तेज बारिश के चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मछुआरों के लिए विशेष एडवाइजरी
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब समुद्री मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने 23 जुलाई तक अरब सागर और 21 जुलाई तक बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्री गतिविधियां जोखिम भरी हो सकती हैं।
प्रशासन और लोगों के लिए सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें, अनावश्यक यात्रा से बचें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।