फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा।दोनों टीमें 60 साल बाद वर्ल्ड कप में एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरेंगी। अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाला यह महामुकाबला भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे शुरू होगा। दुनियाभर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें इस ऐतिहासिक मुकाबले पर टिकी हैं।
स्पेन और अर्जेंटीना दोनों के सामने इतिहास रचने का मौका
स्पेन की टीम 2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। टीम युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों के संतुलन के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची है।वहीं, डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के पास चौथी बार विश्व कप जीतने का अवसर है। यदि अर्जेंटीना यह मुकाबला जीतता है, तो वह लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली इतिहास की तीसरी टीम बन जाएगी। इससे पहले केवल इटली (1934 और 1938) तथा ब्राजील (1958 और 1962) ही लगातार दो विश्व कप खिताब जीतने का कारनामा कर चुके हैं।
मेसी और यमाल की कहानी बनी फाइनल की सबसे बड़ी चर्चा
इस फाइनल की सबसे भावुक और चर्चित कहानी अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और स्पेन के युवा स्टार लामिन यमाल से जुड़ी हुई है। करीब 19 साल पहले बार्सिलोना क्लब के एक चैरिटी फोटोशूट के दौरान मेसी ने महज तीन महीने के यमाल को गोद में उठाकर नहलाया था। उस समय मेसी खुद सिर्फ 20 वर्ष के थे।
यह तस्वीर वर्ष 2024 में सोशल मीडिया पर वायरल हुई और दुनियाभर के फुटबॉल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई। अब वही यमाल पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने आदर्श माने जाने वाले मेसी के खिलाफ विश्व कप फाइनल में उतरेंगे।
गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे लियोनेल मेसी
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी इस वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने अब तक 8 गोल करने के साथ 4 असिस्ट भी दिए हैं और गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
स्पेन की ओर से मिकेल ओयारजाबाल 5 गोल के साथ टीम के सबसे सफल गोल स्कोरर हैं। वहीं 19 वर्षीय लामिन यमाल पूरे टूर्नामेंट में अपनी गति, ड्रिब्लिंग और आक्रमण क्षमता से प्रभावित करते रहे हैं। उन्होंने अब तक 30 सफल ड्रिब्ल किए हैं और टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली विंगर के रूप में उभरे हैं।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में बराबरी
स्पेन और अर्जेंटीना के बीच अब तक कुल 14 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। दोनों टीमों ने 6-6 मैच अपने नाम किए हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। यानी दोनों का रिकॉर्ड पूरी तरह बराबरी का है।
विश्व कप इतिहास में दोनों टीमें अब तक सिर्फ एक बार आमने-सामने आई हैं। 1966 के वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था। वहीं दोनों देशों के बीच पिछला मुकाबला 2018 के एक दोस्ताना मैच में हुआ था, जिसमें स्पेन ने अर्जेंटीना को 6-1 से करारी शिकस्त दी थी।
किस टीम पर रहेगी नजर?
अर्जेंटीना की उम्मीदें एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी, जूलियन अल्वारेज़ और मजबूत डिफेंस पर टिकी होंगी। दूसरी ओर स्पेन की टीम युवा स्टार लामिन यमाल, मिकेल ओयारजाबाल और अपने बेहतरीन पासिंग गेम के दम पर अर्जेंटीना को चुनौती देगी।
दोनों टीमों के बीच संतुलित रिकॉर्ड और शानदार फॉर्म को देखते हुए फाइनल के बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। यह मुकाबला केवल ट्रॉफी जीतने की लड़ाई नहीं होगा, बल्कि अनुभव और युवा जोश के बीच एक यादगार टक्कर भी साबित हो सकता है