मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर ऐसा गिरोह सक्रिय हो गया है, जो लोगों का ध्यान भटकाकर उनकी कार से कीमती सामान चुरा रहा है। गिरोह का तरीका बेहद चालाक है। बदमाश पहले वाहन चालक से कहते हैं कि "आपके पैसे गिर गए हैं"। जैसे ही चालक नीचे उतरकर नोट उठाने या देखने जाता है, दूसरा साथी कार का दरवाजा खोलकर बैग, लैपटॉप या अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाता है। शुक्रवार को गौतम नगर थाना क्षेत्र में इसी तरह की वारदात का शिकार एक महिला प्रोफेसर बनीं। वहीं, शहर में कारों के शीशे तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह ने भी दो अलग-अलग घटनाओं में लाखों रुपये का सामान पार कर दिया। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुई प्रोफेसर के साथ वारदात?
गौतम नगर थाना पुलिस के मुताबिक कमला नगर निवासी 42 वर्षीय मुस्कान आसुदानी, संत हिरदाराम स्थित एक गर्ल्स कॉलेज में प्रोफेसर हैं। शुक्रवार को वह कॉलेज की एक अन्य प्रोफेसर और अपने ड्राइवर राजेंद्र चौहान के साथ कॉलेज के काम से डीआईजी बंगला चौराहा पहुंचीं। दोनों प्रोफेसर फोटो कॉपी कराने चली गईं, जबकि ड्राइवर कार में ही बैठा रहा। इसी दौरान दो युवक उसके पास पहुंचे और बोले कि "आपके पैसे नीचे गिर गए हैं।"
ड्राइवर नीचे उतरा और बदमाश ले उड़े बैग
ड्राइवर ने नीचे देखा तो सड़क पर 10-10 रुपये के दो नोट और 20 रुपये का एक नोट पड़ा था। उसे लगा कि यह किसी मेडिकल स्टोर के ग्राहक के पैसे होंगे। जैसे ही वह नोट उठाकर मेडिकल स्टोर की ओर गया, उसी समय बदमाशों ने कार का दरवाजा खोला और पीछे की सीट पर रखा प्रोफेसर का बैग लेकर फरार हो गए। कुछ देर बाद जब प्रोफेसर वापस लौटीं तो कार का गेट खुला मिला और बैग गायब था।
आधे घंटे में दो और वारदात, कारों के शीशे तोड़कर लाखों का सामान चोरी
इसी दिन शाहजहांनाबाद इलाके में कारों के शीशे तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह ने भी दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया।
पहली घटना
राजधानी मोटर्स में काम करने वाले मैकेनिक जैद खान ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी कार मरघटिया मंदिर के सामने पार्क की थी। करीब 15 मिनट बाद लौटने पर पीछे का शीशा टूटा मिला।
कार से चोरी हुए सामान में शामिल हैं-
वनप्लस पैड
ई-डायग डिवाइस
आई-कार डिवाइस
सेंसर
केबल
चिप
अन्य मैकेनिकल टूल्स
इनकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
दूसरी घटना
दूसरे मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर नीलेश नेमा ने बताया कि उन्होंने अपनी एक्सयूवी कार एलबीएस अस्पताल के पास भवानी मंदिर के सामने खड़ी की थी। करीब 45 मिनट बाद लौटने पर कार का पिछला शीशा टूटा मिला। बदमाश कार में रखा बैग लेकर फरार हो चुके थे, जिसमें-
₹8,000 नकद
टिफिन
पानी की बोतल
अन्य निजी सामान रखा हुआ था।
पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही जांच?
गौतम नगर और शाहजहांनाबाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस-
आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
संदिग्धों के हुलिए के आधार पर पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पहले सक्रिय रहे चोरी गिरोहों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
दोनों घटनाओं के बीच किसी कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी उमेश पाल चौहान के अनुसार आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम बनाई गई है।
इस तरह की चोरी से कैसे बचें?
पुलिस ने नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है-
कोई अनजान व्यक्ति पैसे गिरने या टायर पंक्चर होने की बात कहे तो तुरंत वाहन से न उतरें।
कार लॉक किए बिना कभी वाहन न छोड़ें।
लैपटॉप, बैग या नकदी जैसी कीमती वस्तुएं सीट पर खुली न रखें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त सतर्क रहें।
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत डायल 100 या स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
भोपाल में क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं?
पिछले कुछ समय से राजधानी में ध्यान भटकाकर चोरी करने वाले गिरोह फिर सक्रिय हुए हैं। कभी नकली नोट गिराकर, कभी टायर पंक्चर का बहाना बनाकर और कभी वाहन में खराबी बताकर बदमाश लोगों को वाहन से दूर करते हैं और कुछ ही सेकंड में चोरी कर फरार हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी वारदातों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है सतर्कता और वाहन को हमेशा लॉक रखना।
निष्कर्ष
भोपाल में एक बार फिर ध्यान भटकाकर चोरी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। यदि कोई अनजान व्यक्ति सड़क पर पैसे गिरने या वाहन में किसी समस्या का बहाना बनाकर रोकने की कोशिश करे, तो बिना पुष्टि किए वाहन से बाहर न निकलें। छोटी-सी लापरवाही बड़ी चोरी का कारण बन सकती है।