मध्य प्रदेश सरकार किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जगदीशपुर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 10.54 लाख किसानों के बैंक खातों में 1460.25 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित करेंगे। यह राशि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी जा रही है।
10.54 लाख किसानों के खातों में पहुंचेगी बीमा राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रदेश के 10.54 लाख किसानों के खातों में सीधे 1460.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। सरकार का कहना है कि यह राशि किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी और उन्हें दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिलेगी।
योजना के तहत अब तक ₹30,942 करोड़ से अधिक का भुगतान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत से लेकर वर्ष 2024-25 तक प्रदेश के प्रभावित किसानों को कुल 30,942.34 करोड़ रुपये का बीमा दावा भुगतान किया जा चुका है। इससे लाखों किसानों को सूखा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई करने में सहायता मिली है।
प्राकृतिक आपदाओं में किसानों का सुरक्षा कवच है योजना
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। प्राकृतिक आपदाओं, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात और अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों से फसल को नुकसान होने पर योजना के तहत किसानों को बीमा दावा राशि उपलब्ध कराई जाती है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और खेती की निरंतरता बनी रहती है।
अल-नीनो के असर को देखते हुए किसानों से अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए मौसम की अनिश्चितता बनी रह सकती है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर बीमा कराने से फसल क्षति की स्थिति में किसानों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने में कोई परेशानी नहीं होगी।
किसानों के हित में लगातार काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं और राहत कार्यक्रम लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की शुरुआत वर्ष 2016 में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत सूखा, बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक कारणों से फसल खराब होने पर किसानों को बीमा दावा राशि दी जाती है। योजना में किसानों द्वारा कम प्रीमियम जमा किया जाता है, जबकि शेष राशि केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं।
कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर बीमा दावा राशि मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अगली फसल की तैयारी बिना वित्तीय संकट के कर सकेंगे। सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने और किसानों का भरोसा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।