नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कई एहतियाती कदम उठाए हैं।
जम्मू-कश्मीर में रेड अलर्ट, अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम और संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए 19 जुलाई 2026 से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए माता वैष्णो देवी यात्रा भी फिलहाल रोक दी गई है।प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थलों की ओर न जाने की अपील की है। विभिन्न संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
बिलासपुर में टूटा 93 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इस बार हुई मूसलाधार बारिश ने कई दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 1933 में यहां 14.93 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जबकि इस बार 16 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, वाराणसी, झांसी समेत राज्य के सभी 75 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन को गंगा आरती का स्थान बदलना पड़ा। वहीं झांसी में केवल 15 मिनट की तेज बारिश के बाद तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली।राज्य के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान अपर सुबनसिरी जिले के गिबा, निलिंग, चेतम और दापोरिजो सर्किलों के 35 गांवों में फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
राज्य में अब तक 1,13,674 लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं। प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा विशेष सावधानी
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में मानसून का प्रभाव बना रह सकता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।