मुंबई- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में पॉलीमर (प्लास्टिक) करेंसी नोट लाने की तैयारी में जुट गया है। शुरुआती चरण में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोट जारी किए जा सकते हैं। इन नोटों में कागज के नोटों की तरह ही उन्नत सुरक्षा फीचर्स होंगे, जबकि नकली नोटों पर लगाम लगाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। यदि शुरुआती चरण सफल रहता है, तो भविष्य में बड़े मूल्यवर्ग के नोट भी चरणबद्ध तरीके से लाए जा सकते हैं।
निजी कंपनियों से मांगी गई पॉलीमर शीट
सूत्रों के मुताबिक, रिजर्व बैंक ने पॉलीमर शीट की आपूर्ति के लिए निजी कंपनियों से भी प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। पॉलीमर नोटों का डिजाइन, आकार और छपाई मौजूदा नोटों की तरह ही होगी, लेकिन इनमें माइक्रो-ऑप्टिक होलोग्राम और विशेष सुरक्षा स्याही जैसे आधुनिक फीचर्स जोड़े जाएंगे।
चार चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
RBI अधिकारियों के अनुसार, पॉलीमर नोट लाने का नीतिगत निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि, इन्हें बाजार में लाने से पहले पूरी प्रक्रिया चार चरणों से गुजरेगी। फिलहाल इनके जारी होने की निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन अगले वर्ष तक इन्हें बाजार में उतारने की तैयारी चल रही है।
पतले और लचीले होंगे नए नोट
पॉलीमर नोट पतले और लचीले प्लास्टिक सब्सट्रेट से बनाए जाएंगे। ये क्रेडिट या डेबिट कार्ड की तरह कठोर नहीं, बल्कि हल्के और आसानी से मोड़े जा सकने वाले होंगे। नोटों की संख्या का निर्धारण बाजार में 10 और 20 रुपये के नोटों की मांग, बैंकों और एटीएम की जरूरतों के आधार पर किया जाएगा।
पहले भी हुई थी कोशिश
भारत सरकार ने 2012 में मैसूर, जयपुर, भुवनेश्वर और शिमला समेत कुछ शहरों में 10 रुपये के पॉलीमर नोटों के परीक्षण को मंजूरी दी थी। हालांकि, तकनीकी चुनौतियों के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई थी।
कटे-फटे नोटों से मिलेगी राहत
पॉलीमर नोटों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ये कागज के नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होंगे। इससे कटे-फटे और गंदे नोटों की समस्या कम होगी। साथ ही, उन्नत सुरक्षा फीचर्स के कारण नकली नोट तैयार करना भी बेहद मुश्किल हो जाएगा।
बढ़ रहा है नोटों की छपाई का खर्च
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में नोटों की छपाई पर खर्च बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह 5,101.4 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में करीब 23.8 अरब गंदे नोटों का निस्तारण किया गया। ऐसे में कम मूल्यवर्ग के टिकाऊ पॉलीमर नोट लाने की योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।