गाजियाबाद- श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। गाजियाबाद में मेरठ और सहारनपुर मंडल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
ड्रोन और CCTV से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर लें। पूरे कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए, प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जाए। मेरठ और सहारनपुर मंडल के अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
पड़ोसी राज्यों से रहेगा समन्वय
सीएम योगी ने कहा कि दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
डीजे की आवाज और कांवड़ की ऊंचाई पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डीजे की आवाज तय मानकों से अधिक न हो और कांवड़ की ऊंचाई भी निर्धारित सीमा के भीतर रहे, ताकि यातायात प्रभावित न हो। इसके लिए डीजे संचालकों, कांवड़ निर्माताओं और कांवड़ संघों से लगातार संवाद बनाए रखने को कहा गया।
यात्रा मार्ग होंगे गड्ढामुक्त, शिविरों में रहेंगी सभी सुविधाएं
लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को यात्रा मार्गों को गड्ढामुक्त करने, झाड़ियों की सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वहीं कांवड़ शिविरों में पेयजल, शौचालय, स्ट्रीट लाइट, बिजली, साफ-सफाई और सात्विक भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मांस और शराब की दुकानें रहेंगी बंद
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस और शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी और इसकी लगातार निगरानी की जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी चालक नशे की हालत में वाहन न चलाए। बिजली विभाग को ट्रांसफॉर्मर और विद्युत लाइनों की विशेष निगरानी रखने के लिए भी कहा गया।
जनप्रतिनिधियों से समन्वय और प्रचार-प्रसार पर जोर
सीएम योगी ने अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने और समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सूचना विभाग को स्वागत द्वार, होर्डिंग और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।