भोपाल। मध्यप्रदेश में करीब एक सप्ताह की सुस्ती के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया), तीन सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में विशेष रूप से पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वी मध्यप्रदेश में दिखने लगा मानसून का असर
शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को बालाघाट, डिंडौरी और उमरिया सहित कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा और वर्षा का दायरा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने बताई सक्रिय सिस्टम की वजह
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो-प्रेशर एरिया के साथ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी प्रभावी है। इन मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में नमी लगातार बढ़ रही है, जिससे बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। हालांकि, प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों की अच्छी बारिश से वर्षा का यह अंतर कम हो सकता है।
अगले 16 घंटे के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने डिंडौरी, मंडला, कान्हा, अनूपपुर, अमरकंटक, शहडोल, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, सागर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, उमरिया, बांधवगढ़ और पन्ना जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।वहीं, नीमच जिले में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है।
इसके अलावा खंडवा, ओंकारेश्वर, खरगोन, महेश्वर, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, जबलपुर, भेड़ाघाट, निवाड़ी, ओरछा, टीकमगढ़, भोपाल, बैरागढ़, सीहोर, छतरपुर, खजुराहो, श्योपुर, दतिया, रतनगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, कुनो, गुना, अशोकनगर, रायसेन, सांची, भीमबेटका, विदिशा, उदयगिरि, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, हरदा, बैतूल, दमोह, कटनी, भिंड और मुरैना में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान
17 जुलाई से 18 जुलाई तक
नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
18 जुलाई से 19 जुलाई तक
उमरिया और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
19 जुलाई से 20 जुलाई तक
छतरपुर, सागर और पन्ना जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
20 जुलाई से 21 जुलाई तक
मऊगंज और सीधी जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
21 जुलाई से 22 जुलाई तक
सागर, दमोह और कटनी जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन जिलों के लिए भी तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली गिरने की आशंका के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं। यदि मौसम प्रणालियां इसी तरह प्रभावी बनी रहीं तो मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों और जलाशयों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।