देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून ने कई राज्यों में दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। देश के करीब 50 से 60 प्रतिशत हिस्से में बादलों की सक्रियता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून सिस्टम और मजबूत हो सकता है, जिसके चलते कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 7 दिनों तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया से बढ़ी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने मानसूनी गतिविधियों को सक्रिय कर दिया है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर तेज हो गया है।कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
यूपी-बिहार में अगले 7 दिन बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून की सक्रियता बढ़ने से आने वाले एक सप्ताह तक बारिश जारी रहने की संभावना है।मौसम विभाग के अनुसार
कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है
कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का खतरा रहेगा।
निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
20 से 30 जुलाई के बीच मध्य भारत में बढ़ेगी बारिश
ऑल इंडिया वेदर के अनुसार, भूमध्य रेखा के आसपास एक और मौसम प्रणाली सक्रिय होने की संभावना है। इस नए सिस्टम और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के संयुक्त प्रभाव से 20 से 30 जुलाई के बीच मध्यप्रदेश समेत उत्तर और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे मानसून की कमजोरी दूर हो सकती है और कई राज्यों में बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर में 15 दिनों में 16 बार बादल फटे
जम्मू-कश्मीर में मानसून के बाद मौसम काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून पहुंचने के बाद पिछले 15 दिनों में प्रदेश में 16 बार बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।कश्मीर मौसम केंद्र के अनुसार, आने वाले दिनों में पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं की संभावना बनी रह सकती है।बादल फटने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा खतरा
भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।विशेषज्ञों के अनुसार, कम समय में अत्यधिक बारिश होने से पहाड़ी क्षेत्रों में नुकसान की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।
तमिलनाडु में गर्मी का असर, हीटवेव अलर्ट जारी
जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश का दौर जारी है, वहीं तमिलनाडु में गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव के कारण जुलाई में कई क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रही है, जिसके कारण तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
मानसून से किसानों को राहत की उम्मीद
बारिश की बढ़ती गतिविधियों से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। कई राज्यों में बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों पर असर पड़ रहा था।यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा। जलाशयों और भूजल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी लेते रहें। भारी बारिश के दौरान
खुले स्थानों पर जाने से बचें।
बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
नदी और नालों के पास जाने से बचें।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि कुछ दक्षिणी राज्यों में गर्मी और हीटवेव का असर बना रहेगा।