मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है। करीब नौ दिन की सुस्ती के बाद मौसम विभाग ने 19 जुलाई से प्रदेश में तेज बारिश की संभावना जताई है। बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 31 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी दी गई है।
9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून
मध्य प्रदेश में पिछले करीब नौ दिनों से मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी हुई थीं, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 19 जुलाई से प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा प्रदेश के 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लो-प्रेशर सिस्टम से मिलेगी मानसून को ताकत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया और तीन सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मध्य प्रदेश में मानसून को नई ऊर्जा मिलेगी। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
अब तक सामान्य से 13% कम हुई बारिश
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक कमी पूर्वी मध्य प्रदेश में देखी गई है, जहां अब तक 26 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आगामी बारिश इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है।
भोपाल में जुलाई का रिकॉर्ड क्या कहता है?
राजधानी भोपाल में जुलाई महीने के दौरान सर्वाधिक 41 इंच बारिश दर्ज होने का रिकॉर्ड है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा मौसम प्रणाली मजबूत बनी रहती है तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।