कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मानसून का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। रथयात्रा के दौरान झमाझम बारिश के बाद अब मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के लिए दो तरह का अलर्ट जारी किया है। दक्षिण बंगाल में जहां उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल करेगी, वहीं उत्तर बंगाल के पांच जिलों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
निम्न दबाव का बदला रास्ता, ओडिशा की ओर बढ़ा सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure) अब कमजोर होकर अपना रुख बदलकर ओडिशा की ओर बढ़ गया है। इस मौसमी बदलाव का सीधा असर दक्षिण बंगाल पर पड़ा है, जिससे यहां भारी बारिश की संभावना फिलहाल टल गई है। अगले पांच दिनों तक यहां स्थितियां शुष्क बनी रहने का अनुमान है।
दक्षिण बंगाल: बारिश में कमी, उमस से बढ़ेगी परेशानी
अगले कुछ दिनों तक कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नदिया और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहेंगी। हालांकि, राहत की जगह मुश्किलें बढ़ेंगी क्योंकि हवा में नमी का स्तर 97 प्रतिशत तक पहुंच गया है। शनिवार से तेज धूप और उच्च आर्द्रता के मेल से 'घुटन वाली गर्मी' का सामना करना पड़ेगा, जो बुधवार तक जारी रह सकती है।
उत्तर बंगाल: भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
दक्षिण के विपरीत, उत्तर बंगाल के लिए मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। शुक्रवार से ही यहां गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। शनिवार को वर्षा की तीव्रता और बढ़ेगी। विभाग ने रविवार और सोमवार को उत्तर बंगाल के ऊपरी पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए अलर्ट रहने को कहा गया है।
मछुआरों के लिए जारी हुआ सख्त निर्देश
समुद्र की स्थिति को देखते हुए मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। बंगाल की खाड़ी में समुद्र उफान पर है, इसलिए 18 जुलाई (शनिवार) की शाम तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जो लोग समुद्र में पहले से मौजूद हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित तट पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।