जयपुर। राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। सामान्य से देरी से पहुंचने के बाद मानसून महज 8 से 10 दिन सक्रिय रहा और फिर कमजोर पड़ गया। हालांकि अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 21 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है, जबकि 20 जुलाई को जयपुर सहित 21 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार फिलहाल मानसून ट्रफ हिमालय की ओर खिसक गई है, जिससे राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। वहीं उड़ीसा और पश्चिम बंगाल तट पर बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर सिस्टम अभी प्रदेश पर प्रभाव नहीं डाल पा रहा है। हालांकि अगले कुछ दिनों में मौसम प्रणाली में बदलाव के साथ मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
क्यों कमजोर पड़ गया मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की तलहटी की ओर खिसक गई है, जिसके कारण राजस्थान तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पा रही है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर सिस्टम फिलहाल पूर्वी भारत तक ही सीमित है। इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं और अगले तीन से चार दिन तक व्यापक बारिश की संभावना कम है।
कब से बदलेगा मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 21 जुलाई से जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो सकती है। इसके बाद 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य राजस्थान के कई जिलों में भी बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। वहीं जुलाई के अंतिम सप्ताह में जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। हालांकि फिलहाल कहीं भी व्यापक और अत्यधिक भारी बारिश के संकेत नहीं दिए गए हैं।
इन 21 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 20 जुलाई के लिए निम्न जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है-
अलवर
भरतपुर
बारां
बूंदी
दौसा
डीग
धौलपुर
जयपुर
झालावाड़
झुंझुनूं
करौली
खैरथल-तिजारा
कोटा
कोटपूतली-बहरोड़
सवाई माधोपुर
सीकर
टोंक
चूरू
डीडवाना-कुचामन
हनुमानगढ़
श्रीगंगानगर
इन जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बारिश की कमी से बढ़ी गर्मी
मानसून की सुस्ती का असर अब तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटे में अधिकांश जिलों में बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस दोनों बढ़ गई।
प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान
| शहर | तापमान |
|---|---|
| जैसलमेर | 40.6°C |
| फलौदी | 40.6°C |
| बीकानेर | 40.4°C |
| पिलानी | 40.3°C |
| श्रीगंगानगर | 39.9°C |
| बाड़मेर | 39.5°C |
| जयपुर | 37.3°C |
एक सप्ताह में 75% कम बारिश
9 जुलाई से 15 जुलाई के बीच राजस्थान में मानसून लगभग निष्क्रिय रहा।
| अवधि | सामान्य वर्षा | वास्तविक वर्षा |
|---|---|---|
| 9–15 जुलाई | 34.7 मिमी | 8.7 मिमी |
यानी प्रदेश में सामान्य से लगभग 75 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि मानसून का प्रवेश द्वार माने जाने वाले हाड़ौती क्षेत्र में भी बारिश बेहद कम हुई।
कोटा – 78% कम वर्षा
बूंदी – 77% कम वर्षा
झालावाड़ – एक बूंद भी बारिश नहीं
क्या इस बार सामान्य से कम रहेगा मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि जुलाई के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पूरे मानसून सीजन पर इसका असर पड़ सकता है। प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि अगस्त और सितंबर में भी सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो पिछले कई वर्षों से लगातार सामान्य से अधिक बारिश का सिलसिला इस बार टूट सकता है। इसका असर खरीफ फसलों, जलाशयों और भूजल स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
राजस्थान में फिलहाल मानसून कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में राहत मिलने के संकेत दिए हैं। 21 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है और 20 जुलाई को 21 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि लगातार कम बारिश और बढ़ते तापमान ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब प्रदेश की नजरें जुलाई के अंतिम सप्ताह में बनने वाली नई मानसूनी प्रणाली पर टिकी हैं।