जींद - हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि 'विकसित भारत', 'आत्मनिर्भर भारत' और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का उत्सव है।
'आने वाली पीढ़ियां इस दिन को याद रखेंगी'
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जींद की पवित्र धरती से देश की विकास यात्रा में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में आने वाली पीढ़ियां इस दिन को सिर्फ एक तारीख के रूप में नहीं, बल्कि भारत के विकास की दिशा बदलने वाले ऐतिहासिक पल के रूप में याद रखेंगी। उन्होंने कहा कि, आज हम सिर्फ परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास नहीं कर रहे, बल्कि विकसित भारत के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं।
पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना
राज्य के सीएम नायब सिंह सैनी ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और ग्रीन एनर्जी के प्रति प्रतिबद्धता की वजह से हरियाणा को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल योजनाएं नहीं बनाईं, बल्कि नए भारत की दिशा और दशा दोनों बदल दी हैं। उनके नेतृत्व में देश केवल सपने नहीं देखता, बल्कि उन्हें हकीकत में बदलकर दुनिया का नेतृत्व भी कर रहा है।
रेल मंत्री बोले- भारत ने हासिल की बड़ी तकनीकी उपलब्धि
वहीं कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन राष्ट्र को समर्पित होना देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि, आज का दिन भारत के रेलवे इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। यह तकनीकी उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के उस बड़े संकल्प का परिणाम है, जिसमें हाइड्रोजन तकनीक को पूरी तरह देश में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था।
दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हुआ भारत
रेल मंत्री ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन की स्वदेशी तकनीक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह केवल रेलवे की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ती ताकत का प्रतीक है।

ग्रीन एनर्जी और आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
हाइड्रोजन ट्रेन को पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का भविष्य माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण कम होगा, ईंधन पर निर्भरता घटेगी और रेलवे के आधुनिकीकरण को नई गति मिलेगी। इस परियोजना के जरिए भारत स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ा है।