नागालैंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। राज्य के मोन जिले में रविवार तड़के कई स्थानों पर भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ, जिसमें अब तक कम से कम 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कई अन्य लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। ऐसे में प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों से भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें खिसककर रिहायशी इलाकों में आ गईं, जिससे कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और लोग मलबे में दब गए।
मोन टाउन और तिजित क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित
मोन जिले के डिप्टी कमिश्नर के अनुसार शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे से जिले में तेज बारिश शुरू हुई, जो कई घंटों तक लगातार जारी रही। इसके चलते सुबह 6 से 7 बजे के बीच मोन टाउन, तिजित और आसपास के कई इलाकों से लैंडस्लाइड की घटनाओं की सूचना मिलने लगी।
सबसे अधिक नुकसान मोन टाउन और तिजित क्षेत्र में हुआ, जहां कई मकान मलबे की चपेट में आ गए। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत दल भेजकर बचाव अभियान शुरू किया।
चार शव बरामद, अन्य की तलाश जारी
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक मलबे से चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की कुल संख्या 8 हो चुकी है, जबकि अन्य लोगों की तलाश लगातार जारी है।हादसे में घायल हुए 12 लोगों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
NDRF, SDRF, असम राइफल्स और पुलिस जुटी राहत कार्य में
राहत एवं बचाव कार्य में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), असम राइफल्स, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाकों और लगातार हो रही बारिश के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ी से जारी है।मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए अत्याधुनिक उपकरणों और मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने तक सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने नागालैंड के कई जिलों में अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी ढलानों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और कमजोर मकानों से दूर रहने की अपील की है।साथ ही नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के आसपास न जाने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी गई है।
लगातार बारिश बनी चिंता का कारण
पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय मानसून के कारण नागालैंड समेत कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बना रहेगा।प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।