मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र में सरकार वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता (UCC) सहित कुल 14 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। कांग्रेस ने आदिवासियों पर अत्याचार, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों को उठाने की रणनीति बनाई है, जबकि भाजपा भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है। ऐसे में सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है।
आज से शुरू होगा पांच दिवसीय मानसून सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। यह सत्र पांच दिनों तक चलेगा और इसमें सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय प्रस्ताव सदन के सामने रखेगी। सत्र के दौरान सरकार वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट पेश करेगी। साथ ही प्रदेश की नई नीतियों और कानूनों से जुड़े कई अहम विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है।
UCC समेत 14 विधेयक होंगे पेश
इस बार के मानसून सत्र का सबसे महत्वपूर्ण विषय समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) का प्रस्तावित विधेयक माना जा रहा है। सरकार UCC सहित कुल 14 विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। माना जा रहा है कि UCC पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत बहस देखने को मिल सकती है। इसके अलावा अन्य विधेयक भी प्रशासन, विकास और शासन व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर आधारित होंगे।
प्रथम अनुपूरक बजट पर रहेगी नजर
मानसून सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत करेगी। अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए धन का प्रावधान करेगी। विपक्ष इस बजट को लेकर सरकार से कई सवाल पूछ सकता है।
कांग्रेस इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्र के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है।
कांग्रेस के अनुसार वह सदन में—
- आदिवासियों पर कथित अत्याचार,
- प्रदेश की कानून-व्यवस्था,
- बेरोजगारी,
- किसानों की समस्याएं,
- विकास कार्यों की स्थिति,
- जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
भाजपा ने भी की जवाबी तैयारी
वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी पूरी कर ली है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में सत्ता पक्ष विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने लिया तैयारियों का जायजा
सत्र शुरू होने से एक दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा परिसर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने सेंट्रल हॉल में लगाए गए पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के तैलचित्रों का भी अवलोकन किया। इस दौरान विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद्र शर्मा भी मौजूद रहे।
विधानसभा सचिवालय को मिले 1,756 प्रश्न
सत्र को लेकर विधायकों की सक्रियता भी देखने को मिली है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार अब तक कुल 1,756 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।
इनमें—
- 900 तारांकित प्रश्न
- 856 अतारांकित प्रश्न
- शामिल हैं।
इसके अलावा—
- 267 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
- 5 स्थगन प्रस्ताव
- 20 अशासकीय संकल्प
- 77 शून्यकाल सूचनाएं
- भी प्राप्त हुई हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस बार का मानसून सत्र काफी व्यस्त और चर्चाओं से भरपूर रहने वाला है।
16वीं विधानसभा का 11वां सत्र
यह मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का 11वां सत्र है। राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें UCC जैसे बड़े विधेयक के साथ कई महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक प्रस्ताव सदन के सामने रखे जाएंगे।