असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शिवसागर जिले में दिखौ नदी के उफान पर आने से रेलवे ट्रैक, स्टेशन यार्ड और रेलवे कॉलोनी जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते अपर असम के कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है। वहीं, राज्य में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। भारतीय सेना ने राहत एवं बचाव के लिए ‘ऑपरेशन जल राहत’ शुरू किया है, जबकि 57 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
दिखौ नदी के उफान से रेलवे ट्रैक जलमग्न
लगातार बारिश के कारण शिवसागर जिले से होकर बहने वाली दिखौ नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का पानी सिमालुगुरी क्षेत्र तक पहुंच गया, जिससे रेलवे स्टेशन यार्ड, रेलवे कॉलोनी और रेल पटरियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेन संचालन सुरक्षित नहीं रह गया है, इसलिए कई रेलखंडों पर सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
इन रेल मार्गों पर ट्रेन संचालन बंद
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा को देखते हुए निम्नलिखित रेलखंडों पर ट्रेनों का संचालन अगली सूचना तक रोक दिया गया है—
- सिमालुगुरी – नामतियाली रेलखंड
- सिमालुगुरी – सेलेंघाट रेलखंड
रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।
कई लंबी दूरी की ट्रेनें डायवर्ट
बाढ़ के कारण डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया से चलने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है। अब इन ट्रेनों का संचालन रंगिया – रंगापाड़ा मार्ग से किया जा रहा है, ताकि यात्रियों की यात्रा जारी रह सके और प्रभावित रेलखंड पर दबाव कम हो।
लोकल और पैसेंजर ट्रेनें भी प्रभावित
बाढ़ के कारण केवल लंबी दूरी की ट्रेनें ही नहीं, बल्कि कई लोकल और पैसेंजर ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। रेलवे ने कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि कुछ को बीच रास्ते में ही समाप्त (शॉर्ट टर्मिनेट) किया गया है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे ने शुरू किया राहत और मरम्मत कार्य
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन राहत एवं मरम्मत टीमें तैनात कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पानी कम होने के बाद ही रेलवे ट्रैक, सिग्नल सिस्टम और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल इंजीनियरिंग टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बाढ़ राहत के लिए सेना का 'ऑपरेशन जल राहत'
राज्य में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत' शुरू किया है। इस अभियान के तहत सेना की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री वितरित करने और प्रशासन की मदद करने में जुटी हैं। नौकाओं और अन्य विशेष उपकरणों की सहायता से राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
बाढ़ से अब तक पांच लोगों की मौत
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शिवसागर जिले में बाढ़ से एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही इस वर्ष राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
57 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
ASDMA के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सात जिलों में 57,100 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं—
- चराइदेव – लगभग 24,000 प्रभावित
- धेमाजी – 22,000 से अधिक प्रभावित
- शिवसागर
- डिब्रूगढ़
- जोरहाट
- तिनसुकिया
- उदालगुड़ी
गौरतलब है कि एक दिन पहले प्रभावित लोगों की संख्या करीब 24 हजार थी, जो 24 घंटे के भीतर दोगुनी से अधिक हो गई।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
राज्य सरकार, जिला प्रशासन, NDRF, SDRF और सेना संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि लगातार मौसम और नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
क्या करें प्रभावित लोग?
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। रेलवे यात्रियों को भी यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।