नई दिल्ली- संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहले ही दिन केंद्र सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने का ऐलान करते हुए कहा कि विपक्ष सदन में जनता के हितों से जुड़े हर सवाल पर सरकार से जवाब मांगेगा और जवाबदेही तय कराएगा।
राम मंदिर चंदे की स्वतंत्र जांच की मांग
खरगे ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा और चंदा मामले को उठाते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और मेहनत की कमाई मंदिर निर्माण के लिए दान की थी। ऐसे में यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो उनकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की।
पेपर लीक पर सरकार को घेरा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थी प्रभावित हुए। खरगे ने इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
एथेनॉल मिश्रण और महंगाई पर भी उठाए सवाल
खरगे ने वाहनों में एथेनॉल मिश्रण की नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे करोड़ों वाहन मालिक प्रभावित हो रहे हैं और सरकार इसे प्रयोग के तौर पर लागू कर रही है। उन्होंने महंगाई और आम जनता से जुड़े आर्थिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की बात कही।
जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष संसद में आने वाले विधेयकों, शिक्षा, रोजगार, किसानों, महंगाई और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा। उन्होंने कहा कि संसद जनता की आवाज उठाने का सबसे बड़ा मंच है और विपक्ष अपनी जिम्मेदारी पूरी मजबूती से निभाएगा।