जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी एहतियातन स्थगित रही। वहीं, पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ में सात लोगों की मौत हो गई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
लगातार दूसरे दिन स्थगित रही वैष्णो देवी यात्रा
कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम की यात्रा लगातार दूसरे दिन भी रोक दी गई। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है। रियासी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण यात्रा मार्ग पर भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित रखा गया है।
मौसम सुधरने के बाद ही होगा यात्रा पर फैसला
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और यात्रा मार्ग की पूरी तरह सुरक्षा जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को दोबारा यात्रा की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों की टीमें लगातार यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर रही हैं और मौसम विभाग से मिल रहे अपडेट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
रियासी में लगातार बारिश से बढ़ा खतरा
पिछले कई दिनों से रियासी और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और अचानक बाढ़ आने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पुंछ में बादल फटने से बड़ा हादसा
रविवार को पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में कई लोग फंस गए, जबकि मकानों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
लापता लोगों की तलाश जारी
सुरनकोट उप-जिला अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि सात लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। उन्होंने बताया कि छह शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं, जबकि एक अन्य शव बाद में बरामद हुआ। कई लोगों के अब भी लापता होने की आशंका है और उनकी तलाश लगातार जारी है।
सेना, पुलिस और SDRF चला रहे राहत अभियान
बचाव कार्यों में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की संयुक्त टीमें लगी हुई हैं। राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, लापता लोगों की तलाश और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने की समीक्षा बैठक
बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने जम्मू स्थित सिविल सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पुंछ और राजौरी जिलों में बाढ़, भूस्खलन, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम
मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि नियंत्रण कक्ष (Control Room) 24 घंटे सक्रिय रखे जाएं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखें, समय पर सूचनाएं साझा करें और राहत एवं बचाव एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे वैष्णो देवी यात्रा शुरू होने संबंधी केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से बचें और मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।