मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) से गुजर रहे एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला होने की खबर सामने आई है। ब्रिटिश नौसैनिक एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) के अनुसार हमले के बाद जहाज में आग लग गई, हालांकि चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस घटना के बीच अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर हमला
ब्रिटिश नौसैनिक एजेंसी UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई। घटना ओमान के कुमजार से लगभग 8 समुद्री मील (करीब 15 किलोमीटर) उत्तर-पश्चिम में हुई। एजेंसी के अनुसार आग लगने के बाद चालक दल ने जहाज खाली कर दिया और सभी सदस्यों को एक टग बोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
समुद्र में बह रहा है जहाज
UKMTO ने बताया कि जहाज में लगी आग पर अभी तक पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। चालक दल के सुरक्षित निकाले जाने के बाद जहाज समुद्र में बह रहा है। घटना के कारणों और हमले के पीछे जिम्मेदार पक्ष की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
जहाजों के लिए जारी किया गया सुरक्षा अलर्ट
घटना के बाद UKMTO ने क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने कहा कि यदि किसी जहाज को संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है या सुरक्षा संबंधी कोई खतरा महसूस होता है तो इसकी तत्काल जानकारी संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को दी जाए।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है।
- यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
- दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
- इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
- इसी वजह से इस क्षेत्र में होने वाली हर सुरक्षा घटना पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।
अमेरिका ने ईरान पर लगाए आरोप
घटना के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आरोप लगाया कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने और दबाव बनाने के लिए कर रहा है। फिलीपींस रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा, लेकिन इसकी जिम्मेदारी केवल अमेरिका की नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अन्य देशों से भी समुद्री सुरक्षा में अधिक योगदान देने की अपील की।
IRGC का बड़ा दावा
इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, IRGC ने कहा कि—
- जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर अमेरिकी सेना के 20 हैंगर नष्ट किए गए।
- हमले में कई अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया।
- बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी C-17 ट्रांसपोर्ट विमान और P-8 निगरानी विमान को भी निशाना बनाया गया।
दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
IRGC द्वारा किए गए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में युद्ध या संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों के दावों की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से होने तक इंतजार करना आवश्यक माना जाता है।
वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया सहित कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति इस समुद्री मार्ग पर काफी हद तक निर्भर करती है। इसलिए क्षेत्र में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।