MP Weather News Today: मध्यप्रदेश में सुस्त पड़ा मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह से बादल छाए रहे, लेकिन शाम तक अधिकांश इलाकों में बारिश नहीं हुई। बादलों और नमी के कारण उमस ने लोगों को परेशान किया, हालांकि बीच-बीच में चली हवाओं से कुछ राहत भी मिली। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि अगले चार दिनों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दायरा तेजी से बढ़ेगा। कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश में सामान्य से 17% कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी 22%, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में 12% रही है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश खरीफ फसलों और जल स्रोतों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
मध्यप्रदेश में अब तक कितनी हुई बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में राज्य में बारिश सामान्य से काफी कम रही है।
| क्षेत्र | सामान्य से कमी |
|---|---|
| पूरा मध्यप्रदेश | 17% कम |
| पूर्वी मध्यप्रदेश | 22% कम |
| पश्चिमी मध्यप्रदेश | 12% कम |
कम बारिश के कारण कई जिलों में खेती और जलस्रोतों पर असर देखने को मिला है। हालांकि अब मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।
भोपाल में क्यों नहीं बरसे बादल?
सोमवार को भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे, लेकिन अधिकांश इलाकों में बारिश नहीं हुई। नमी अधिक होने के कारण उमस बढ़ गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में पर्याप्त नमी होने के बावजूद स्थानीय परिस्थितियों के कारण बादल ज्यादा सक्रिय नहीं हो सके। हालांकि अगले 24 से 48 घंटों में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग का बड़ा अपडेट: पूर्व और पश्चिम एमपी में बढ़ेगा बारिश का दायरा
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभागों में निम्न स्तर के बादल (Low Clouds) सक्रिय हैं। इसके प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश दोनों क्षेत्रों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन पूर्वी जिलों में पिछले दो-तीन दिनों से मानसून कमजोर पड़ा था, वहां भी बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है।
अगले दो दिनों में तापमान में मिलेगी राहत
बारिश बढ़ने के साथ अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज होगी।
| अवधि | संभावित बदलाव |
|---|---|
| अगले 2 दिन | अधिकतम तापमान में 2°C तक गिरावट |
| इसके बाद | तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं |
इन जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है-
भोपाल
रायसेन
सीहोर
विदिशा
बैरागढ़
सागर
दमोह
नरसिंहपुर
जबलपुर
कटनी
उमरिया
शहडोल
सीधी
सिंगरौली
रीवा
मऊगंज
मैहर
पन्ना
टीकमगढ़
निवाड़ी
मुरैना
भिंड
दतिया
सिवनी
बालाघाट
मंडला
डिंडोरी
अनूपपुर
छिंदवाड़ा
इन जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक के आसार
इंदौर
उज्जैन
देवास
राजगढ़
शाजापुर
गुना
शिवपुरी
ग्वालियर
श्योपुर
नर्मदापुरम
बैतूल
हरदा
खरगोन
खंडवा
बुरहानपुर
धार
झाबुआ
अलीराजपुर
बड़वानी
आगर मालवा
सतना
छतरपुर
पांढुर्ना
20 से 24 जुलाई तक कहां-कहां भारी बारिश का अलर्ट?
20 जुलाई (सुबह 8:30 बजे) से 21 जुलाई (सुबह 8:30 बजे)
| जिला | मौसम |
|---|---|
| भिंड | भारी बारिश |
| मुरैना | भारी बारिश |
| टीकमगढ़ | भारी बारिश |
| छतरपुर | भारी बारिश |
| शहडोल | भारी बारिश |
| बालाघाट | भारी बारिश |
संभावित वर्षा: 64.5 से 115.5 मिमी
तेज हवाएं: 40 किमी/घंटा तक
21 जुलाई से 22 जुलाई
भिंड
मुरैना
दमोह
कटनी
इन जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
22 जुलाई से 23 जुलाई
श्योपुर
टीकमगढ़
गुना
23 जुलाई से 24 जुलाई
गुना
छिंदवाड़ा
बैतूल
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
मानसून की सक्रियता बढ़ने से धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिलने की संभावना है। जिन क्षेत्रों में अब तक बारिश कम हुई है, वहां भी खेतों में नमी बढ़ेगी और बुवाई का काम तेज हो सकेगा। हालांकि जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है, वहां जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौसम वैज्ञानिकों की सलाह
भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें।
बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले स्थानों में न रहें।
किसान मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर खेतों में कार्य करें।
तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखें।