Share Market Today 20 July 2026: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक टूटकर 77,700 के करीब कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी 100 अंकों की गिरावट के साथ 24,250 के आसपास फिसल गया। बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव प्राइवेट बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली से देखने को मिला। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली और बैंकिंग शेयरों में दबाव ने घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक घटनाक्रम पर बनी हुई है।
शुरुआती कारोबार में बाजार क्यों टूटा?
सप्ताह की शुरुआत में ही निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बढ़ गया। विशेष रूप से प्राइवेट बैंकों के शेयरों में कमजोरी ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को नीचे खींचा।
किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा दबाव?
आज के कारोबार में प्रमुख रूप से इन सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली:
प्राइवेट बैंक
रियल्टी
चुनिंदा वित्तीय सेवाएं
वहीं, कुछ रक्षात्मक (Defensive) सेक्टरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली, लेकिन वह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
बाजार गिरने की 6 बड़ी वजहें
1. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे जोखिम वाले बाजारों में दबाव बना।
2. कच्चा तेल 90 डॉलर के पार
ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने से भारत जैसे आयातक देशों पर महंगाई और आयात बिल बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
3. बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के बाद कई बड़े निजी बैंकों के शेयरों में दबाव देखा गया, जिससे पूरे बैंकिंग इंडेक्स पर असर पड़ा।
4. एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत
जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में तेज गिरावट ने भारतीय बाजार की शुरुआत भी कमजोर कर दी।
5. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली से बाजार में निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ।
6. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़ने से वैश्विक निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिसका असर इक्विटी बाजारों पर पड़ा।
एशियाई बाजारों का हाल
| इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 6,567 | -4.08% |
| निक्केई (जापान) | 64,141 | -4.03% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25,099 | +2.22% |
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, हालांकि जापान और दक्षिण कोरिया में भारी गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन
शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए।
| इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| Dow Jones | 52,146 | -0.77% |
| Nasdaq | 25,520 | -1.40% |
| S&P 500 | 7,458 | -1.01% |
अमेरिकी बाजारों की गिरावट का असर सोमवार को एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दिया।
पिछले कारोबारी दिन बाजार का प्रदर्शन
पिछले कारोबारी सत्र (17 जुलाई) में बाजार शानदार तेजी के साथ बंद हुआ था।
| इंडेक्स | क्लोजिंग |
|---|---|
| सेंसेक्स | 78,151 (+964 अंक) |
| निफ्टी | 24,334 (+261 अंक) |
उस दिन आईटी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली थी।
निवेशकों को अब किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा इन कारकों पर निर्भर रह सकती है:
Q1 कॉर्पोरेट नतीजे
विदेशी निवेशकों (FII) का रुख
कच्चे तेल की कीमतें
वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम
अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति
डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड