उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा को इस बार पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडेय और पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने मंगलवार को धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और दर्शन व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए गए।
अब टोकन के बिना नहीं होंगे दर्शन
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब बाबा केदारनाथ के दर्शन केवल टोकन व्यवस्था के तहत ही कराए जाएंगे। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सभी श्रद्धालुओं को कतारबद्ध और व्यवस्थित तरीके से ही मंदिर में प्रवेश दिया जाए। बिना टोकन पर्ची के किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़भाड़ को सख्ती से रोका जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं और पुरोहितों से लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों से सीधे संवाद भी किया। यात्रा के दौरान आने वाली कठिनाइयों और सुझावों को गंभीरता से सुना गया। कई समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सरल और सुरक्षित बनाना उनकी प्राथमिकता है।
स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष फोकस
आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने धाम क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर विशेष जोर दिया। उन्होंने शौचालयों की नियमित सफाई, पर्याप्त पेयजल व्यवस्था और सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का मानना है कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सुरक्षा व्यवस्था की भी हुई समीक्षा
पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने भीड़ नियंत्रण प्रणाली, पुलिस बल की तैनाती और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्ग पर हर समय सतर्कता बनाए रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम तैयार रहें।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नई टोकन व्यवस्था और सुरक्षा नियमों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को अधिक सुचारु बनाना है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सभी विभागों के साथ मिलकर लगातार निगरानी बनाए हुए है।