भोपाल: देश के कई राज्यों में मौसम ने करवट ले ली है। उत्तराखंड के केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री में बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान माइनस में पहुंच गया है। वहीं, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, गोवा और पुडुचेरी समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम बदला है और जयपुर में शनिवार शाम कई इलाकों में तेज बारिश हुई। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। सीतापुर में किसान कमर तक भरे पानी के बीच धान की फसल काटने को मजबूर हैं।
केदारनाथ में बर्फबारी, तापमान -6°C तक पहुंचा
उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ में तापमान करीब -6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बद्रीनाथ और गंगोत्री में पारा लगभग -5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि यमुनोत्री में तापमान करीब 1 डिग्री सेल्सियस रहा।ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड का असर बढ़ गया है। ऐसे मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
8 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम में बदलाव के बीच महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, गोवा और पुडुचेरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।राजस्थान में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से मौसम बदला है। जयपुर में शनिवार शाम कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ जनजीवन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदला मौसम
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिला है। राजधानी जयपुर में शनिवार शाम अचानक बारिश हुई और कई इलाकों में तेज बौछारें पड़ीं।मौसम में इस बदलाव के चलते तापमान और स्थानीय परिस्थितियों पर असर पड़ सकता है। आने वाले समय में बारिश को लेकर मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
यूपी में बाढ़ और जलभराव से परेशानी
उत्तरप्रदेश में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। लखनऊ और सीतापुर में कुछ इलाकों में पानी कम होने लगा है, लेकिन जलभराव के कारण लोगों की परेशानी बनी हुई है।सीतापुर में सैकड़ों बीघा धान की फसल पानी में डूबी हुई है। खेतों में पानी भरा होने के कारण किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। फसल बचाने की कोशिश में किसान कमर तक भरे पानी में उतरकर धान काट रहे हैं।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें, फसल पर संकट
बाढ़ और जलभराव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से धान की फसल खराब होने का खतरा है। ऐसे में किसान बची हुई फसल को जल्द काटने की कोशिश कर रहे हैं।एक ओर पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से ठंड बढ़ रही है, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और बाढ़ लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। मौसम के इस बदले मिजाज के बीच लोगों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।