ग्वालियर: ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। दुर्गाष्टमी के दौरान मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को धान से लदे एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सड़क पर पुलिस चेकपोस्ट और बैरिकेड्स लगे थे और ढलान पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था, तो ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा?
पुलिस चेकपोस्ट तोड़कर मंदिर के गेट से टकराया ट्रक
SSP के मुताबिक, हादसा तड़के करीब 1:30 बजे हुआ। छिनोर की तरफ से धान से लदा ट्रक शीतला माता मंदिर की ओर आ रहा था। बताया गया कि ढलान पर पहुंचने के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा।बेकाबू ट्रक पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ता हुआ आगे बढ़ा और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलते हुए मंदिर के गेट और बाहरी दीवार से जा टकराया। दुर्गाष्टमी के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, जिसके कारण हादसे में कई लोग इसकी चपेट में आ गए।
ढलान पर भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित, फिर कैसे पहुंचा ट्रक?
हादसे के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। SSP के मुताबिक, छिनोर की ओर से आने वाली सड़क के खड़े ढलान पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसके बावजूद धान से लदा ट्रक इस रास्ते पर पहुंच गया।ट्रक ने बैरिकेड्स तोड़े और श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में लेने के बाद मंदिर की दीवार से टक्कर मार दी। अब यह सवाल अहम है कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक को प्रवेश कैसे मिला और पुलिस चेकपोस्ट पर उसे रोका क्यों नहीं जा सका।
करीब 40 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद करीब 40 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें से 13 लोगों की मौत हो गई। लगभग 5 से 6 लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं, जिन्हें फ्रैक्चर जैसी चोटें आई हैं। अन्य घायलों का भी इलाज किया जा रहा है।हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- ओवरलोड था ट्रक
घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी और एक घायल श्रद्धालु के भाई ने बताया कि ट्रक में क्षमता से अधिक सामान लदा हुआ था। उनके मुताबिक, ट्रक अचानक तेज गति से आया और अनियंत्रित होकर सड़क पर मौजूद लोगों पर चढ़ गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने घायलों की मदद शुरू की।ट्रक के ओवरलोड होने की बात प्रत्यक्षदर्शियों ने कही है। इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और वाहन से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही हो सकेगी।
कलेक्टर ने दी हादसे की जानकारी
ग्वालियर कलेक्टर ने बताया कि तड़के करीब 1:30 बजे ट्रक के नियंत्रण खोने की सूचना मिली थी। ट्रक छिनोर की ओर से मंदिर की तरफ आ रहा था और अनियंत्रित होकर लगातार बाईं ओर मुड़ता चला गया।हादसे की जानकारी मिलते ही एंबुलेंस और अन्य वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया, ताकि घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके और राहत कार्य शुरू किया जा सके।
हादसे के बाद पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल
शीतला माता मंदिर में दुर्गाष्टमी के दौरान हुए इस हादसे ने भारी वाहनों की आवाजाही और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जब ढलान पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था और पुलिस बैरिकेड्स भी लगाए गए थे, तो ट्रक उस रास्ते पर कैसे पहुंचा? क्या चेकपोस्ट पर निगरानी में कोई चूक हुई या ट्रक में तकनीकी खराबी के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।