कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर को हुए दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना की वजह और सरकार की कार्रवाई को लेकर अहम जानकारी दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में माइक से की गई घोषणा के बाद लोगों के बीच अफरा-तफरी मचने की बात सामने आई है। हादसे में 17 लोगों की मौत की पुष्टि की खबरें सामने आई हैं, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घटना की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
माइक से घोषणा के बाद मची अफरा-तफरी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि मौके पर तैनात सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) से मिली शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, पंडाल में माइक से घोषणा किए जाने और सीटी बजने के बाद लोगों के बीच अचानक भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी रात करीब 8:20 बजे मिली थी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले हादसे की वजह पर अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
STF, फॉरेंसिक और दमकल विभाग को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के अनुसार, हादसे के बाद पूजा पंडाल में दर्शन बंद कर दिए गए हैं। मामले की शुरुआती जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF), फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन सीसीटीवी फुटेज भी जुटा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे से पहले पंडाल में क्या परिस्थितियां थीं और भीड़ अचानक बेकाबू कैसे हुई। मुख्यमंत्री ने पारदर्शी जांच का भरोसा दिया है।
17 लोगों की मौत, कई घायल; अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री
इस हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कई घायलों का इलाज चल रहा है और एक घायल की हालत गंभीर बताई गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के साथ अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया।
दूसरे पूजा पंडालों को भी सतर्क रहने की सलाह
चोरबागान हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने कोलकाता के बड़े दुर्गा पूजा आयोजनों को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिन पंडालों में भारी भीड़ जुट रही है, वहां पर्याप्त रोशनी, आने-जाने के लिए खुला रास्ता और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रशासन अन्य पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर रहा है।
हादसे के बाद जांच और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। यदि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूजा समिति और सुरक्षा एजेंसी से जुड़े लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल जांच एजेंसियां हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।