लखनऊ | उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लखनऊ के वृंदावन सेक्टर-7 स्थित पी-4 पार्किंग में प्रदेश का पहला ई-बस पोर्ट बनाया जाएगा। करीब 265 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना में 75 प्लेटफॉर्म होंगे और यहां से 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा सकेगा।
अगले महीने शुरू हो सकता है निर्माण
प्रस्तावित ई-बस पोर्ट का निर्माण जमीन के करीब 45 प्रतिशत हिस्से में किया जाएगा। परियोजना का काम अगले महीने शुरू करने की तैयारी है। कैबिनेट के फैसले के बाद नगरीय परिवहन निदेशालय ने कार्यदायी संस्था ओमेक्स को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर दिया है।
प्रदेश में खरीदी जाएंगी 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें
योजना के तहत उत्तर प्रदेश में एक साल के भीतर 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की तैयारी है। इनमें लखनऊ और कानपुर को 300-300 बसें मिलेंगी, जबकि शेष 1,125 बसें प्रदेश के 15 अन्य शहरों में संचालित की जाएंगी। बसों की खरीद में उत्तर प्रदेश के तीन निर्माताओं को प्राथमिकता देने की योजना है।
लखनऊ में दो चरणों में चलेंगी 300 ई-बसें
लखनऊ को मिलने वाली 300 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 150 बसें 14 निर्धारित रूटों पर चलेंगी। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट ने इन 14 रूटों की सर्वे रिपोर्ट नगरीय परिवहन निदेशालय को सौंप दी है। लखनऊ के लिए प्रस्तावित 300 बसों में 100 बसें 9 मीटर और 200 बसें 12 मीटर लंबी होंगी। इस योजना से रोजाना करीब 25 से 30 हजार यात्रियों को सुविधाजनक सफर उपलब्ध होने की उम्मीद है। ई-बस पोर्ट और नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और यात्रियों को सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।