कोलकाता: चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इस कठिन समय में सबसे ज्यादा जरूरी संवेदनशीलता, धैर्य और सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच है। उन्होंने जोर दिया कि जांच पूरी होने से पहले घटना को लेकर किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा और सीटी बजाने का जिक्र
समिक भट्टाचार्य ने अपने पोस्ट में बताया कि घटनास्थल पर मौजूद एसीपी की शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक निजी सुरक्षा एजेंसी की ओर से घोषणा किए जाने और कई बार सीटी बजाए जाने के बाद स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले घटना के कारणों को लेकर कोई अंतिम राय बनाना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के रुख का किया समर्थन
भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का जांच पूरी होने तक कोई जल्दबाजी में टिप्पणी नहीं करना और पारदर्शी जांच का भरोसा देना जिम्मेदार रवैये को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और जवाबदेही तय की जा सके।
पूजा समिति और सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों को हिरासत में लेने का जिक्र
समिक भट्टाचार्य के पोस्ट के अनुसार, घटना के सिलसिले में पूजा समिति के सदस्यों और निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की गई है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ जैसी स्थिति किन परिस्थितियों में पैदा हुई और इसके लिए कौन-से कारक जिम्मेदार थे। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
पीड़ित परिवारों की मदद और न्याय पर जोर
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस दुखद घटना से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शोक की इस घड़ी में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय पीड़ित परिवारों की मदद, सच्चाई का पता लगाने और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने अपने संदेश में निष्पक्ष जांच, मानवीय सहायता और न्याय को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, फिलहाल प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि प्रभावित परिवारों को जरूरी सहयोग मिले और जांच के जरिए घटना की वास्तविक वजह सामने आए।