कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान में दुर्गा पूजा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। घटना की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा। इस टीम में आपराधिक जांच विभाग (CID) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के अधिकारी शामिल होंगे।
मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा
चोरबागान हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से प्रति परिवार 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज का पूरा खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी। इस फैसले का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत देना और घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
CCTV फुटेज के आधार पर जांच, पुलिस की नजर में जिम्मेदार लोग
हादसे की जांच के लिए घटनास्थल के CCTV फुटेज पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं। कोलकाता पुलिस की गुंडा दमन शाखा इन फुटेज की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि घटना के समय भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था कैसी थी और संबंधित लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन किया था या नहीं।
लापरवाही साबित होने पर होगी कार्रवाई
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। इसमें पुलिसकर्मी, होमगार्ड, स्वयंसेवक और निजी सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारी शामिल हैं। यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जांच का उद्देश्य हादसे के कारणों का पता लगाना और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना है।