कुपवाड़ा की खूबसूरत लेकिन संवेदनशील केरन घाटी शनिवार को लोकतंत्र के रंग में सराबोर हो उठी। “अवाम की कहानी–अवाम की जुबानी” अभियान के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, युवाओं, छात्रों और प्रशासन ने मिलकर एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार किया। यह आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह वही सीमा क्षेत्र है जिसे वर्षों तक झूठे नैरेटिव और दुष्प्रचार के जरिए बदनाम करने की कोशिश की जाती रही है।
लोकतंत्र की ताकत का जीता-जागता प्रदर्शन
कार्यक्रम का केंद्र बिंदु रहा केरन का रूह-ए-हिंद झंडा स्थल, जहाँ बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रीय गर्व और लोकतांत्रिक विरासत को सलाम करने पहुंचे। आयोजन में भारत के संविधान, लोकतांत्रिक संस्थानों और विविधता में एकता की उस ताकत पर प्रकाश डाला गया जो हर नागरिक को समान अवसर और सम्मान देती है। स्थानीय समुदायों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली ने उन्हें सशक्त बनाया है और मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
युवाओं ने भेजा पाक-प्रशासित कश्मीर के प्रोपेगेंडा को करारा जवाब
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब युवाओं ने उत्साहपूर्वक तिरंगा लहराया और नियंत्रण रेखा के उस पार—पाक अधिकृत कश्मीर में 'कश्मीर एकजुटता दिवस' मनाने वालों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बाहरी संचालित नैरेटिव या मनगढ़ंत नारों की आवश्यकता नहीं है। केरन के युवाओं ने खुलकर दोहराया कि वे भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और अपनी भूमि की पहचान को किसी भी भ्रम या झूठे प्रचार से प्रभावित नहीं होने देंगे।
राष्ट्रीय पहचान पर गर्व का दमदार प्रदर्शन
युवाओं ने तिरंगा ऊँचा उठाते हुए यह दिखा दिया कि उनकी आकांक्षाएँ, पहचान और भविष्य भारत के साथ सुरक्षित और उज्ज्वल हैं। उनका यह जोश और विश्वास आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा है कि सच्चा लोकतंत्र वही है जिसमें हर व्यक्ति को अपनी पहचान, विचार और सपनों को सम्मानपूर्वक जीने की स्वतंत्रता मिलती है।
एक नई कहानी, एक मजबूत संदेश
केरन घाटी में हुआ यह आयोजन सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र, एकता और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव था। यह इस बात का प्रमाण भी है कि सीमा के अंतिम छोर पर खड़ा नागरिक भी उतना ही भारतीय है जितना किसी महानगर में रहने वाला व्यक्ति। केरन के युवाओं ने तिरंगा लहराकर देश को यह भरोसा दिलाया कि दुष्प्रचार कितना भी फैलाया जाए, सच्चाई की आवाज हमेशा बुलंद ही रहेगी।
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