कोलकाता: कोलकाता के अलीपुर स्थित बेलवेडियर एस्टेट में स्थित नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया भारत की सबसे बड़ी लाइब्रेरी है। इसे 1953 में वर्तमान परिसर में स्थानांतरित किया गया था, जो पहले ब्रिटिश वायसराय का निवास स्थान था। इसकी शुरुआत 1891 में “इम्पीरियल लाइब्रेरी” के रूप में हुई थी, जिसे बाद में स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने “नेशनल लाइब्रेरी” नाम दिया।

देश की सबसे बड़ी पुस्तक संपदा
यह लाइब्रेरी भारत के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक पुस्तकालय मानी जाती है। यहां 25 लाख से अधिक पुस्तकें, रिकॉर्ड, मैप्स और दुर्लभ पांडुलिपियां मौजूद हैं। इसमें 86,000 से अधिक नक्शे और लगभग 3,200 प्राचीन हस्तलिखित दस्तावेज भी शामिल हैं।
भाषा और दुर्लभ संग्रह
लाइब्रेरी में भारत की लगभग सभी प्रमुख भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं। हिंदी विभाग में 19वीं सदी की दुर्लभ किताबें और शुरुआती मुद्रित ग्रंथ भी संरक्षित हैं। यह संस्थान ज्ञान संरक्षण और शोध के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
कानून और अनिवार्य पुस्तक जमा व्यवस्था
1954 के “डिलीवरी ऑफ बुक्स एक्ट” के तहत भारत में प्रकाशित हर पुस्तक की एक प्रति नेशनल लाइब्रेरी को भेजना अनिवार्य है। इसके साथ दिल्ली, मुंबई और चेन्नई की प्रमुख लाइब्रेरियों को भी यह सुविधा दी गई है, जिससे देशभर का साहित्य एक जगह संरक्षित हो सके।

रहस्यमयी गुप्त कमरा
2010 में एएसआई द्वारा मरम्मत कार्य के दौरान लाइब्रेरी भवन में लगभग 1000 वर्ग फुट का एक गुप्त कमरा मिला, जिसमें कोई प्रवेश मार्ग नहीं था। बाद में यह पाया गया कि कमरा मिट्टी से भरा हुआ था। इसके उपयोग को लेकर अभी भी रहस्य बना हुआ है।
विजिटिंग टाइमिंग
यह लाइब्रेरी बेलवेडियर रोड, अलीपुर में स्थित है और आम दिनों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहती है, जबकि सप्ताहांत और सरकारी छुट्टियों पर समय सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक रहता है।